उदयपुर, 6 फरवरी 2026 Fact Recorder
National Desk: भारत में स्वदेशी ऊर्जा भंडारण तकनीक को मजबूती देते हुए हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) ने मिलकर बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज के लिए स्थिर और भरोसेमंद जिंक-आयन बैटरी पाउच सेल प्रोटोटाइप विकसित किए हैं। यह उपलब्धि सौर ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के सुरक्षित और दीर्घकालिक भंडारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सौर ऊर्जा स्टोरेज के लिए उपयुक्त प्रोटोटाइप
विकसित किए गए मौजूदा प्रोटोटाइप को स्थिर, सुरक्षित और भरोसेमंद पाया गया है। इन्हें वास्तविक परिस्थितियों में—जैसे सौर ऊर्जा के कैप्चर और डिस्चार्ज प्रोफाइल—के तहत परखा गया, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी अनुप्रयोगों में उनकी उपयोगिता सिद्ध हुई है। शोध टीम अब इन बैटरियों की एनर्जी स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और साइकिल लाइफ को और लंबा करने पर काम कर रही है।
जिंक-आयन बैटरी क्यों हैं खास
जिंक की प्रचुर उपलब्धता, कम लागत और बेहतर सुरक्षा के चलते जिंक-आयन बैटरियां स्टेशनरी एनर्जी स्टोरेज के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही हैं। हालांकि, उच्च एनर्जी डेंसिटी और लंबे साइकिल जीवन के लिए इलेक्ट्रोड और इलेक्ट्रोलाइट सामग्री का अनुकूलन अब तक एक चुनौती रहा है। हिंदुस्तान जिंक और JNCASR का यह सहयोग कम लागत वाले इलेक्ट्रोलाइट फॉर्मूलेशन विकसित कर इस चुनौती का समाधान पेश कर रहा है।
इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग की मिसाल
हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से JNCASR के शोधकर्ता नए इलेक्ट्रोलाइट फॉर्मूलेशन तैयार कर रहे हैं, जिससे बैटरी की स्थिरता और टिकाऊपन में सुधार हुआ है। यह साझेदारी सुरक्षित, कुशल और बड़े पैमाने पर तैनाती योग्य एनर्जी स्टोरेज समाधानों की दिशा में अहम मानी जा रही है।
सीईओ का बयान
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा,
“जिंक-आयन बैटरी तकनीक भारत के प्रचुर जिंक संसाधनों का उपयोग करते हुए एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने का बड़ा अवसर है। JNCASR के साथ हमारी साझेदारी सुरक्षित, किफायती और स्केलेबल एनर्जी स्टोरेज समाधानों के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
लिथियम-आयन से अलग, लेकिन सुरक्षित विकल्प
हालांकि जिंक-आयन बैटरियों का प्रदर्शन फिलहाल लिथियम-आयन बैटरियों से कम है, लेकिन इनमें बेहतर सुरक्षा, कम सामग्री लागत और गैर-ज्वलनशील जलीय इलेक्ट्रोलाइट जैसे अहम फायदे हैं, जो लंबे समय और बड़े पैमाने पर उपयोग के लिए इन्हें उपयुक्त बनाते हैं।
JNCASR की प्रतिक्रिया
JNCASR के एसोसिएट प्रोफेसर प्रेम सेंगुट्टुवन ने कहा,
“जिंक बैटरियां सस्टेनेबल और सुरक्षित एनर्जी स्टोरेज के लिए काफी संभावनाएं रखती हैं। हिंदुस्तान जिंक के साथ यह साझेदारी स्वदेशी रिसर्च को मजबूती देगी और भारत-केंद्रित स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विकास में योगदान करेगी।”
आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा भविष्य की ओर कदम
हिंदुस्तान जिंक का उद्देश्य सस्टेनेबल एनर्जी समाधानों की ओर बदलाव को तेज करना है। जिंक स्टील, रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाता है। JNCASR के साथ मिलकर कंपनी सुरक्षित, हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की नींव रखने की दिशा में आगे बढ़ रही है।













