‘न कर्फ्यू है, न दंगा—उत्तर प्रदेश में अब सब चंगा है’: हरिद्वार में सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

07 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों, कर्फ्यू और अराजकता के दौर से निकलकर तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा—उत्तर प्रदेश में अब सब चंगा है।” सीएम योगी ने दावा किया कि कभी बीमारू राज्य कहलाने वाला यूपी आज देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन चुका है।

यूपी अब विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था की मिसाल

हरिद्वार के भारत माता मंदिर के पास सप्तऋषि आश्रम ग्राउंड में आयोजित संत सम्मेलन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़ा राज्य नहीं रहा। बेहतर कानून-व्यवस्था और सुशासन के चलते राज्य निवेश और विकास का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज यूपी में न गुंडागर्दी है, न दंगे-फसाद, बल्कि शांति और सुरक्षा का वातावरण है।

बद्रीनाथ-केदारनाथ केवल आस्था नहीं, राष्ट्र चेतना के केंद्र

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम केवल आध्यात्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्र चेतना के भी केंद्र बिंदु हैं। राष्ट्र को इन्हीं पवित्र स्थलों से ऊर्जा और दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों के संरक्षण और सम्मान का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज प्रगति के नए पथ पर अग्रसर है।

देश में हो रहा है ऐतिहासिक परिवर्तन

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन देखे हैं। यह वह निर्माण यात्रा है, जिसका इंतजार सदियों से किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि भारत केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा की शाश्वत चेतना का केंद्र है, जहां संस्कृति केवल आस्था नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवन दर्शन है।

भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं

सीएम योगी ने कहा कि भारत किसी एक तिथि या किसी एक सत्ता की देन नहीं है। सनातन चेतना इसका स्वाभाविक प्रवाह है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ध्येय वाक्य “यतो धर्म: ततो जय:” का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां धर्म होता है, वहीं विजय होती है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है।

वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुरक्षित रख पाता है और न भविष्य को संवार पाता है। वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर और समृद्ध सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत एक पूर्ण विकसित राष्ट्र और संस्कृति था, जिसे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता ने खड़ा किया।

संत सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। सीएम धामी ने कहा कि यहां उपस्थित सभी संत, आध्यात्मिक गुरु और श्रद्धालु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं, जो गंगा के पवित्र तट पर राष्ट्र और संस्कृति के लिए अमूल्य योगदान दे रहे हैं।