लखनऊ, 22 सितंबर 2026 Fact Recorder
National Desk: उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की परिवहन सुरक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिलों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों के प्रभावी गठन और उनके दायित्वों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा समितियों (DSVSC) की नियमित बैठकें सुनिश्चित कराने और स्कूल परिवहन सुरक्षा समितियों (STSC) के कामकाज की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि जिलाधिकारियों को धारा 222जी के तहत गठित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों का विधिवत गठन सुनिश्चित करना होगा। इन समितियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। वहीं, सभी जिलाधिकारियों को एक महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी होगी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीएसई और आईसीएसई को भी पक्षकार बनाया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को निर्धारित की गई है।
यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनाया गया। याचिका में स्कूलों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन और डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी भी अदालत में उपस्थित हुए थे।













