01 May 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: पंजाब में पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद Harbhajan Singh की सुरक्षा हटाए जाने के मामले में Punjab and Haryana High Court ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को किसी भी तरह की शारीरिक क्षति न पहुंचे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह अंतरिम आदेश हरभजन सिंह की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जगमोहन बंसल ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 12 मई तय की है।
दरअसल, Harbhajan Singh ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने उनका सुरक्षा घेरा हटा लिया था। सुरक्षा हटने के बाद केंद्र सरकार ने उनके जालंधर स्थित आवास के बाहर Central Reserve Police Force (CRPF) की तैनाती कर दी।
याचिका में हरभजन सिंह ने आरोप लगाया कि बिना किसी ताजा खतरे के आकलन और बिना नोटिस दिए उनकी सुरक्षा अचानक वापस ले ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा हटने के तुरंत बाद उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए और दीवारों पर ‘गद्दार’ तक लिख दिया गया।
याचिका के अनुसार, 25 और 26 अप्रैल को उनके घर के बाहर भीड़ इकट्ठा हुई और हंगामा किया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उस समय हरभजन सिंह मुंबई में थे और उन्हें इस घटना की जानकारी परिजनों के जरिए मिली।
अब हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि किसी भी स्थिति में सांसद और उनके परिवार की सुरक्षा से समझौता न हो।













