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Haryana Sonipat Water Problem Pot breaking protest Village Jua | सोनीपत में ग्रामीणों का मटका फोड़ प्रदर्शन: बोले- नहीं हो रहा पेयजल समस्या का समाधान, महिलाएं सिर पर ढो रही पानी – Sonipat News

सोनीपत में मटका फोड़ प्रदर्शन करते ग्रामीण

सोनीपत जिले के गांव जुआ में पीने के पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मटका फोड़ प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनियां के नेतृत्व में लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अनदेखी का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में

गांव जुआ के कई घरों में पानी की सप्लाई नहीं होती और जो पानी आता भी है, वह पीने योग्य नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई साल पहले एक बूस्टर लगाया गया था, लेकिन उसे आज तक चालू नहीं किया गया। इसके अलावा, गांव में बिछाई गई पानी की पाइपलाइन जगह-जगह से टूटी हुई है, जिससे गंदा पानी सप्लाई के पानी में मिक्स होकर घरों तक पहुंच रहा है। इससे गांव में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और कई लोग पहले से ही बीमार हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि गांव में अमीर और गरीब के बीच भेदभाव किया जा रहा है। गरीब परिवारों के घरों में पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही, जबकि कुछ इलाकों में नियमित पानी आ रहा है।

जिला पार्षद संजय बड़वासनियां और ग्रामीण प्रदर्शन करते हुए

जिला पार्षद संजय बड़वासनियां और ग्रामीण प्रदर्शन करते हुए

ग्रामीणों ने किया विरोध

ग्रामीणों का आरोप है कि उनके घर की महिलाओं को कई किलोमीटर दूर खेतों तक जाकर सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ता है। यह न सिर्फ उनके लिए कठिनाई का कारण बन रहा है, बल्कि घरों में गंदा पानी उनकी हेल्थ पर भी असर डाल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों और जिला पार्षद संजय बड़वासनियां ने मटका फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

जिला पार्षद संजय बड़वासनियां ने कहा

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पार्षद संजय बड़वासनियां ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि 8 साल से गांव की जनता इस समस्या से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि गांव के कई घरों में पानी नहीं आता और जो आता है, वह पीने लायक नहीं है। उन्होंने कहा, सरकार ने गांव में बूस्टर लगाया था, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। पाइपलाइन टूटी होने के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों की सेहत को खतरा हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि गरीब परिवारों के घरों में पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है, जिससे यह साफ है कि गांव में भेदभाव हो रहा है। संजय बड़वासनियां ने ऐलान किया कि वह अपने जिला परिषद कोटे से गांव में 10 हैंडपंप लगवाएंगे, ताकि कम से कम लोगों को पीने का साफ पानी मिल सके। उन्होंने कहा, जहां पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होगी, वहां हैंडपंप लगाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को राहत मिले।

ग्रामीणों की मांग 1. गांव में पीने के पानी की नियमित और स्वच्छ सप्लाई बहाल की जाए।

2. टूटी हुई पाइपलाइनों को जल्द से जल्द बदला जाए, ताकि गंदे पानी की समस्या खत्म हो।

3. गांव में लगे बूस्टर को तुरंत चालू किया जाए, ताकि पानी की कमी दूर हो।

4. हर घर में समान रूप से पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भेदभाव खत्म हो।

5. गर्मियों को देखते हुए प्रशासन तुरंत ऑप्शनल समाधान करे, ताकि लोगों को राहत मिले।

प्रदर्शनकारियों में भोला, सचिन, संदीप, प्रदीप, जोगिंदर, महावीर, सुरेंद्र सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए क्या कदम उठाता है।