लेह, 21 सितंबर 2026 Fact Recorder
National Desk: लद्दाख में पिछले साल हुई हिंसा की पहली बरसी पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एक बार फिर पदयात्रा करने जा रहे हैं। वांगचुक 23 सितंबर को लेह में 20 किलोमीटर की सांकेतिक पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इसके अगले दिन, 24 सितंबर को ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम पिछले साल 24 सितंबर को लेह में प्रदर्शन के दौरान मारे गए चार नागरिकों की याद में आयोजित किया जा रहा है। उस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा शामिल रही है।
पहले लंबी पदयात्रा की थी योजना
वांगचुक के अनुसार, पहले पदयात्रा को कई दिनों तक आयोजित करने की योजना थी, लेकिन क्षेत्र में ठंड और मौसम की स्थिति को देखते हुए इसे 20 किलोमीटर की सांकेतिक मार्च तक सीमित किया गया है। 24 सितंबर को इसके बाद ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम होगा।
मुआवजे को लेकर भी उठे सवाल
लद्दाख प्रशासन ने सितंबर 2025 की हिंसा में मारे गए चार लोगों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल 24 लोगों को 3-3 लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायल 20 लोगों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की है। कुल मुआवजा पैकेज 1.52 करोड़ रुपये का है।
वांगचुक ने मुआवजे की राशि पर असंतोष जताया है। वहीं, लद्दाख के प्रतिनिधि संगठन मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे के साथ-साथ प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग भी उठा रहे हैं।
केंद्र के साथ बातचीत में अभी तक नहीं निकला समाधान
लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच क्षेत्र की संवैधानिक सुरक्षा और शासन व्यवस्था को लेकर बातचीत जारी है। हाल की बैठक में किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर आगे कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 की हिंसा के बाद NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में उनकी हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थी।













