जालंधर 30 June 2026 Fact Recorder
Punjab Desk : जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे का फ*र्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर घूम रहे एक युवक को अधिकारियों ने गिर*फ्तार कर लिया। आरोपी पिछले करीब छह महीनों से खुद को रेलवे विजिलेंस अधिकारी बताकर स्टाफ पर रौब झाड़ रहा था। इस दौरान वह वीआईपी सुविधाओं का लाभ उठा रहा था और एसी कोच में मुफ्त यात्रा भी कर रहा था।
गिर*फ्तार आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है। हाल ही में वह जालंधर कैंट स्टेशन पर चेकिंग स्टाफ के सामने खुद को अधिकारी बताकर प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि उसके व्यवहार पर कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी।
सूचना मिलने पर कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और आरोपी से रेलवे का आधिकारिक पहचान पत्र मांगा। आईडी दिखाने के लिए कहे जाने पर वह घबरा गया और कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद अधिकारियों ने उसकी सच्चाई सामने ला दी।
मामले की जानकारी मिलते ही सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर गिर*फ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जावेद अली के खिलाफ पहले भी इसी तरह के मामले दर्ज हैं। करीब एक वर्ष पहले उसे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर फर्जी इंस्पेक्टर बनकर धो*खाधड़ी करने के आरोप में गिर*फ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अमृतसर में वीआईपी सुविधाओं का लाभ लेने के बाद एसी कोच में बिना टिकट लुधियाना जाने की योजना से जालंधर कैंट पहुंचा था।
फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धो*खाधड़ी, सरकारी अधिकारी का रूप धारण करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।













