20 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: महिला आरक्षण बिल संसद में पारित नहीं होने के बाद रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बेटियों को उनका अधिकार न मिलना लोकतंत्र की जीत नहीं हो सकती।
रेखा गुप्ता ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वही महिला आरक्षण के समय पीछे हट गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेटियों के हारने पर लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है?” उनके अनुसार, महिला आरक्षण बिल पिछले करीब 30 वर्षों से संसद में आता रहा, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से उसे टाल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया और अपना “महिला विरोधी चेहरा” सामने ला दिया।
हालांकि विपक्ष का तर्क है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा इसे परिसीमन और नई जनगणना से जोड़ने का विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि इससे भविष्य में चुनावी नक्शे और सीटों के बंटवारे पर असर पड़ सकता है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर लिया था कि बिल को पास नहीं होने देना है। उनके मुताबिक, कभी क्षेत्रीय दलों का मुद्दा उठाया गया, कभी दक्षिण भारत की राजनीति का, तो कभी आरक्षण के भीतर आरक्षण की मांग सामने रखी गई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देना है, तो इसके लिए पुरुषों की सहमति क्यों जरूरी मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की योजना में किसी का अधिकार नहीं छीना जा रहा था, बल्कि महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा रही थी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर मुस्लिम महिलाओं के मुद्दे पर भी दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटे की बात कर रहा है, लेकिन जब तीन तलाक कानून और शाहबानो मामला जैसे मुद्दे सामने आए थे, तब उनका रुख अलग था।
रेखा गुप्ता ने विपक्ष को “ऑल इंडिया एंटी-रिफॉर्म पार्टी” बताते हुए कहा कि उसने पहले भी जीएसटी लागू होना, अनुच्छेद 370 हटाना और तीन तलाक कानून जैसे फैसलों का विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हित में उठाए गए कदमों में नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिलाओं को केंद्र में रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और मातृत्व अवकाश जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।













