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राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: जांच के लिए सक्रिय हुआ केंद्र, आज अयोध्या पहुंचेगी एसआईटी

15 June 2026 Fact Recorder

National Desk:  राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से एक वरिष्ठ अधिकारी ने अयोध्या पहुंचकर स्थिति की जानकारी जुटाई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारी अपनी रिपोर्ट पीएमओ को सौंपेंगे।

उधर, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू करेगी। एसआईटी ट्रस्ट पदाधिकारियों, मंदिर कर्मचारियों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करेगी। साथ ही ट्रस्ट की ओर से अब तक की गई आंतरिक जांच से संबंधित दस्तावेज और जानकारी भी एकत्र करेगी।

गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले मंदिर की दान राशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ साक्ष्य भी मिले हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट स्वयं गोपनीय जांच में जुटा हुआ है और ट्रस्ट कार्यालय के आसपास बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन को शामिल किया गया है। जांच दल वित्तीय लेन-देन और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल के साथ यह भी जांच करेगा कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत तो नहीं हुई। यदि किसी ट्रस्टी या पदाधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।

इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद Vinay Katiyar ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन रविवार को अधिकारियों से मुलाकात किए बिना ही लखनऊ रवाना हो गए।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Misra ने रविवार को मंदिर परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन का निरीक्षण किया। उन्होंने नकदी संग्रह, सुरक्षा व्यवस्था और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया की समीक्षा की तथा एसआईटी जांच पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है और जांच समिति की सिफारिशों को लागू किया जाएगा।

वहीं, Awadhesh Prasad ने इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी की।

घटना के बाद सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। ट्रस्ट कार्यालय में एक नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर स्थापित किया गया है, जिसमें दानपेटियों से प्राप्त नकदी, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाएगा। ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai की देखरेख में इस लॉकर को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित किया गया है।