27 May 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) के अध्यक्ष Harjinder Singh Dhami ने 328 पावन स्वरूप मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच टीम अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर SGPC के प्रशासनिक और आंतरिक मामलों में दखल दे रही है।
‘धार्मिक संस्था की स्वायत्तता प्रभावित करने की कोशिश’
Harjinder Singh Dhami ने कहा कि जांच के नाम पर सिखों की प्रमुख धार्मिक संस्था की संवैधानिक पहचान और अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SGPC शुरू से ही जांच में पूरा सहयोग कर रही है और Akal Takht के निर्देशों के अनुसार हर जरूरी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।
‘मामले से असंबंधित जानकारी मांगी जा रही’
धामी के मुताबिक SIT लगातार ऐसी जानकारियां मांग रही है, जिनका 328 पावन स्वरूप मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच टीम SGPC के:
- वित्तीय खाते
- बैंक लेन-देन
- आर्थिक रिकॉर्ड
से जुड़ी जानकारी मांग रही है, जो उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
उन्होंने कहा कि SIT कभी बैंकों में अपने प्रतिनिधि भेजकर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, तो कभी विस्तृत वित्तीय दस्तावेज मांग रही है।
गुरबाणी प्रसारण समझौतों का भी मांगा ब्यौरा
SGPC अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि निजी चैनलों ETC Punjabi और G Next Media के साथ गुरबाणी कीर्तन प्रसारण संबंधी समझौतों का ब्यौरा भी मांगा गया है, जबकि इसका 328 पावन स्वरूप मामले से कोई संबंध नहीं है।
‘बार-बार मांगी जा रही वही जानकारी’
धामी ने कहा कि जो जानकारियां पहले ही SIT को दी जा चुकी हैं, उन्हें दोबारा मांगा जा रहा है। उनके अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि जांच अपने मूल उद्देश्य से भटक रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि Government of Punjab, SIT के जरिए सिख संस्थाओं की स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
अंत में SGPC अध्यक्ष ने मांग की कि SIT अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर केवल 328 पावन स्वरूप मामले की जांच तक सीमित रहे।













