23 May 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: शहर के विकास मॉडल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Chandigarh प्रशासन ने मास्टर प्लान-2031 में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके तहत शहर में पहली बार बड़े स्तर पर हाईराइज बिल्डिंग्स और मिक्स्ड लैंड यूज कॉरिडोर को अनुमति देने की तैयारी है।
प्रशासन का लक्ष्य अब हॉरिजॉन्टल विकास के बजाय वर्टिकल ग्रोथ को बढ़ावा देना है। इसके पीछे सीमित जमीन, बढ़ती आबादी, पार्किंग की समस्या और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी जैसे कारण बताए गए हैं। ड्राफ्ट को केंद्र सरकार की डी-रेगुलेशन नीति के तहत तैयार किया गया है।
हाईराइज और ग्रुप हाउसिंग को बढ़ावा
नए प्रस्ताव के तहत व्यक्तिगत प्लॉट आधारित आवास व्यवस्था को सीमित कर हाई-डेंसिटी ग्रुप हाउसिंग और बहुमंजिला परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मलोया के पास पॉकेट-7 और अन्य खाली जमीनों पर एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना है।
मिक्स्ड लैंड यूज कॉरिडोर का विस्तार
शहर में मिक्स्ड लैंड यूज मॉडल को बढ़ावा देने के लिए विकास मार्ग को पंजाब सीमा तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सेक्टर-43 के सब-सिटी सेंटर और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 की भूमि को भी मिश्रित उपयोग के तहत विकसित करने की योजना है, जिससे आवास, ऑफिस और व्यापार एक ही क्षेत्र में विकसित हो सकें।
उद्योग और संस्थानों को राहत
औद्योगिक क्षेत्रों में एफएआर (Floor Area Ratio) और भवन ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे स्टार्टअप, आईटी और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के लिए भी निर्माण मानकों में ढील दी जाएगी ताकि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सके।
पार्किंग और ट्रैफिक पर फोकस
हाईराइज निर्माण के साथ स्टिल्ट और बेसमेंट पार्किंग को अनिवार्य बनाने की योजना है ताकि सड़क किनारे पार्किंग की समस्या कम हो सके।
हेरिटेज क्षेत्रों की सुरक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सेक्टर-1 से 30 तक के हेरिटेज जोन और कैपिटल कॉम्प्लेक्स की मूल पहचान में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित
ड्राफ्ट पर नागरिकों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और अन्य हितधारकों से 21 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद अंतिम मास्टर प्लान को मंजूरी दी जाएगी, जिससे आने वाले वर्षों में चंडीगढ़ का शहरी स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।













