18 June 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जम्मू से चंडीगढ़ लाते समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने रास्ते में हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इस कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गो*ली लगी, जबकि तीसरे आरोपी को भी मौके पर ही काबू कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ पुलिस की टीम जानकी दास हत्याकांड में गिरफ्तार आर्यन, सन्नी मेहरा और उनके एक अन्य साथी को जम्मू से चंडीगढ़ लेकर आ रही थी। गुरुवार तड़के करीब साढ़े चार बजे धनास स्थित कालीबाड़ी मंदिर के पास आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस हिरासत से फरार होने का प्रयास किया।
पुलिस ने पहले आरोपियों को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें रोकने के लिए फायरिंग की गई। गोली आर्यन और सन्नी मेहरा के पैर में लगी, जिससे दोनों घायल हो गए। पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है।
गौरतलब है कि 13 जून को सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल में दिनदहाड़े कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, जिसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कई राज्यों में तलाश अभियान चलाया।
जांच के दौरान आरोपियों के जम्मू-कश्मीर में छिपे होने की जानकारी मिलने पर चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उन्हें गिरफ्तार किया था।
सांबा कनेक्शन से खुली मुख्य आरोपियों तक पहुंच
मुख्य शूटरों तक पहुंचने से पहले पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से तीन संदिग्ध सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया था। इनमें अजय कुमार, ओमकार और विवेक मेहरा शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्तौल भी बरामद की है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन तीनों का मुख्य आरोपियों से लगातार संपर्क था। वारदात से पहले और बाद में इनके बीच कई बार बातचीत हुई थी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या की साजिश रचने, हथियार उपलब्ध कराने और आरोपियों को फरार कराने में इनकी क्या भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार, सांबा में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर ही पुलिस मुख्य शूटरों तक पहुंचने में सफल हुई। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हत्या की साजिश, इस्तेमाल किए गए हथियारों और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।













