18 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: Chaitra Navratri इस वर्ष 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है। यह पर्व शक्ति की आराधना का विशेष अवसर माना जाता है, जिसमें भक्त नौ दिनों तक Durga के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं। इस दौरान घरों में देवी की चौकी स्थापित की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि चौकी स्थापना में दिशा या विधि से जुड़ी गलती हो जाए तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता।
चौकी स्थापना के महत्वपूर्ण नियम
1. सही दिशा में करें स्थापना
देवी की चौकी हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करनी चाहिए। इस दिशा में पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख-समृद्धि का वास माना जाता है।
2. एक साथ अधिक मूर्तियां न रखें
कई लोग पूजा स्थल पर एक साथ कई मूर्तियां या तस्वीरें रख देते हैं, लेकिन शास्त्रों में एक ही स्थान पर तीन मूर्तियां रखना अशुभ बताया गया है। इसलिए बेहतर है कि एक या अधिकतम दो मूर्तियां ही स्थापित की जाएं।
3. काले रंग से करें परहेज
नवरात्रि पूजा के दौरान काले रंग को अशुभ माना जाता है। पूजा स्थल पर काले कपड़े न बिछाएं और न ही काले वस्त्र पहनकर पूजा करें। इसके बजाय लाल या पीले जैसे शुभ रंगों का उपयोग करना बेहतर माना जाता है।
4. कलश स्थापना का रखें विशेष ध्यान
नवरात्रि पूजा में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश को देवी दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के दाईं ओर स्थापित करना चाहिए। गलत स्थान पर कलश रखने से पूजा का फल कम माना जाता है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं—
सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
नवरात्रि के नौ दिनों की तिथियां
19 मार्च: Shailputri की पूजा और कलश स्थापना
20 मार्च: Brahmacharini की आराधना
21 मार्च: Chandraghanta की पूजा
22 मार्च: Kushmanda का पूजन
23 मार्च: Skandamata की उपासना
24 मार्च: Katyayani की वंदना
25 मार्च: Kalaratri की पूजा
26 मार्च: Mahagauri (महाअष्टमी)
27 मार्च: Siddhidatri (राम नवमी)
धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।













