चंडीगढ़, 23 सितंबर 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: पंजाब और हरियाणा से शिक्षकों व प्रिंसिपलों को डेपुटेशन पर चंडीगढ़ लाने के मामले में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT), चंडीगढ़ बेंच ने केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।
ज्यूडिशियल मेंबर सुरेश कुमार बत्रा ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स (JAC), यूटी चंडीगढ़ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया। याचिका में प्रशासन के 30 जुलाई 2026 के उस पत्र को चुनौती दी गई है, जिसके जरिए पंजाब और हरियाणा से प्रिंसिपल, हेडमास्टर, PGT और TGT शिक्षकों का पैनल डेपुटेशन के लिए मांगा गया था। अंतरिम रोक लगाने की मांग पर भी नोटिस जारी किया गया है।
प्रमोशन का अवसर देने की मांग
याचिकाकर्ताओं, जिनमें JAC प्रधान रणबीर सिंह राणा, महासचिव शिव मूरत सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं, का कहना है कि डेपुटेशन पर शिक्षकों को लाने से पहले यूटी कैडर के पात्र कर्मचारियों को प्रमोशन का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि लगातार डेपुटेशन के कारण स्थानीय कर्मचारियों के प्रमोशन के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
याचिका में 27 मार्च 2026 के हाईकोर्ट के दीपक कुमार निषाद बनाम अरुण कुमार मामले के फैसले और डेपुटेशन पॉलिसी का भी हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इसमें फीडर कैडर को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
डेपुटेशन कोटा और पुराने कर्मचारियों पर भी सवाल
याचिका में डेपुटेशन कोटा को भी चुनौती दी गई है। साथ ही लंबे समय से डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारियों को उनके मूल कैडर में वापस भेजने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि 1 अप्रैल 2022 से CCS नियम लागू होने के बावजूद नए भर्ती नियम तैयार नहीं किए गए हैं और इस संबंध में कार्मिक विभाग से आवश्यक सलाह भी नहीं ली गई। अब CAT ने केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन से इस मामले में जवाब मांगा है।













