October 13,2026 Fact Recorder
Health Desk: जोड़ों में दर्द, सुबह उठते ही अकड़न या घुटनों को मोड़ने में परेशानी को अक्सर लोग थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये लक्षण अर्थराइटिस यानी गठिया की शुरुआत भी हो सकते हैं। यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। ऐसे में सामान्य दर्द और गठिया के लक्षणों के बीच अंतर पहचानना जरूरी है।
क्या है गठिया और कैसे होती है इसकी शुरुआत?
अर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी समस्या है, जिसमें दर्द, अकड़न, सूजन और जोड़ों की गतिविधियों में परेशानी हो सकती है। इसकी शुरुआत अक्सर धीरे-धीरे होती है, इसलिए शुरुआती संकेतों को पहचानना मुश्किल हो सकता है।
मणिपाल हॉस्पिटल, द्वारका के मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ बोन एंड जॉइंट्स के चेयरमैन डॉ. राजीव वर्मा के अनुसार, सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न महसूस होना और उन्हें हिलाने में परेशानी होना अर्थराइटिस के शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकता है।
इन 4 लक्षणों से पहचानें अर्थराइटिस के संकेत
1. सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न
अगर सुबह सोकर उठने के बाद घुटनों, उंगलियों या अन्य जोड़ों को हिलाने में परेशानी होती है, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। कुछ लोगों को सामान्य महसूस होने में 30 मिनट से एक घंटे तक लग सकता है। खासकर अगर अकड़न बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
2. रोजमर्रा के काम करते समय दर्द
सीढ़ियां चढ़ते समय, नीचे झुककर सामान उठाते हुए या किसी चीज को हाथ से पकड़ते समय जोड़ों में दर्द होना भी एक संकेत हो सकता है। शुरुआत में आराम करने से दर्द कम हो सकता है, लेकिन समस्या बढ़ने पर दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है।
3. जोड़ों में सूजन और गर्माहट
अर्थराइटिस के कुछ प्रकारों में प्रभावित जोड़ में सूजन आ सकती है। जोड़ छूने पर गर्म महसूस हो सकता है या आसपास का हिस्सा फूला हुआ दिखाई दे सकता है। अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार ऐसा हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
4. जोड़ मोड़ने या सीधा करने में परेशानी
अगर हाथ ऊपर उठाने, घुटनों को मोड़ने या उन्हें पूरी तरह सीधा करने में दिक्कत होने लगे, तो यह जोड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। लगातार ऐसी परेशानी रहने पर जांच कराना जरूरी है।
सामान्य दर्द और गठिया में क्या है अंतर?
सामान्य मांसपेशियों का दर्द अक्सर अधिक मेहनत या व्यायाम के बाद होता है और आराम से बेहतर हो सकता है। इसके विपरीत, गठिया में दर्द बार-बार हो सकता है और इसके साथ सुबह की अकड़न, सूजन या जोड़ों की गतिविधियों में कमी भी दिखाई दे सकती है।
हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर गठिया की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही पहचान के लिए डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ जरूरत पड़ने पर रक्त जांच या एक्स-रे जैसी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
गठिया का इलाज कैसे किया जाता है?
गठिया का इलाज उसके प्रकार, गंभीरता और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। डॉक्टर की सलाह से फिजियोथेरेपी, उचित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखने और दर्द या सूजन कम करने वाली दवाओं से मदद मिल सकती है। जोड़ों पर अनावश्यक दबाव डालने वाली गतिविधियों से बचना भी उपयोगी हो सकता है।
अगर घुटनों का अर्थराइटिस गंभीर हो जाए और अन्य उपचारों से पर्याप्त राहत न मिले, तो डॉक्टर टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी पर विचार कर सकते हैं। इसमें घुटने के क्षतिग्रस्त हिस्सों को विशेष इम्प्लांट से बदला जाता है, जिससे दर्द कम करने और चलने-फिरने में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर जोड़ों में दर्द, सुबह की अकड़न या सूजन बार-बार हो रही है अथवा रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे हैं, तो ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें। समय पर जांच और उचित इलाज से लक्षणों को नियंत्रित करने और जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
ध्यान दें: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। लक्षणों के आधार पर खुद से दवा न लें और सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।











