October 27,2026 Fact Recorder
National Desk: जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव और अन्य मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को गुलिस्तान-ए-गालिब बिल्डिंग और गालिब लॉन तुरंत खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। साथ ही, आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
12 अक्टूबर से जारी है छात्रों का आंदोलन
जामिया में छात्र 12 अक्टूबर से छात्रसंघ चुनाव कराने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में भूख हड़ताल भी शामिल है। प्रशासन का कहना है कि गुलिस्तान-ए-गालिब बिल्डिंग में राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभाग संचालित होते हैं और वहां प्रदर्शन के कारण विभागों का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसी आधार पर छात्रों को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
8 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं और परीक्षाएं
आंदोलन के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 नवंबर तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। इसके अलावा मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी ऑनलाइन कराने की बात कही गई है।
प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी किए गए सस्पेंशन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की जानकारी भी दी है। साथ ही, सुरक्षा कर्मचारियों के आचरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की बात कही गई है।
छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने की मांग
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी देने और चुनाव कराने के लिए अब तक कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, प्रशासन ने दावा किया कि कुछ छात्रों ने कथित मानहानिकारक बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर सहमति जताई है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन के इस दावे को खारिज कर दिया है।
नारेबाजी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
23 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर में ‘फ्री शरजील इमाम’ और ‘फ्री कश्मीर’ से जुड़े नारे लिखे जाने की खबर सामने आई थी। प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की भी जानकारी दी गई थी। इसके बाद कैंपस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
फिलहाल, जामिया प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। एक तरफ प्रशासन ने परिसर खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है, तो दूसरी तरफ छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय में आंदोलन की स्थिति पर सभी की नजरें रहेंगी।











