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बार-बार टूटते हैं नाखून तो न करें नजरअंदाज, ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

September 24,2026 Fact Recorder

Health Desk:  अगर आपके नाखून बार-बार बीच से टूट जाते हैं, आसानी से फटते हैं या उनकी परतें निकलने लगती हैं, तो इसे केवल खूबसूरती से जुड़ी समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नाखूनों का कमजोर और भंगुर होना कई बार रोजमर्रा की आदतों, पानी और केमिकल के अधिक संपर्क या नेल पॉलिश-रिमूवर के ज्यादा इस्तेमाल से भी जुड़ा हो सकता है।

कुछ मामलों में पोषण की कमी भी नाखूनों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, केवल नाखूनों की स्थिति देखकर किसी खास पोषक तत्व की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए अन्य लक्षणों और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच को ध्यान में रखना जरूरी है।

नाखून बार-बार टूटने के 5 संभावित कारण

1. आयरन की कमी

आयरन की कमी, खासकर आयरन-डिफिशिएंसी एनीमिया, कुछ लोगों में नाखूनों की कमजोरी और उनके आकार में बदलाव से जुड़ी हो सकती है। इसके साथ थकान, कमजोरी और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल नाखून टूटने से आयरन की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

2. डाइट में पर्याप्त प्रोटीन न होना

नाखून मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। लंबे समय तक पर्याप्त प्रोटीन और कैलोरी न मिलने पर शरीर के साथ-साथ नाखूनों की सामान्य वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। डाइट में दाल, दूध-दही, अंडे, मछली, सोया, पनीर और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

3. बायोटिन और अन्य पोषक तत्वों की कमी

बायोटिन को नाखूनों की मजबूती से जोड़ा जाता है, लेकिन इसकी कमी आम तौर पर बहुत सामान्य नहीं मानी जाती। इसलिए बिना जांच या चिकित्सकीय सलाह के बायोटिन या अन्य सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है। संतुलित आहार से शरीर को कई आवश्यक विटामिन और मिनरल मिल सकते हैं।

4. पानी और केमिकल के संपर्क में ज्यादा रहना

बार-बार हाथ धोना, लंबे समय तक पानी में हाथ रखना या डिटर्जेंट और क्लीनिंग केमिकल के संपर्क में रहना नाखूनों को रूखा और कमजोर कर सकता है। घरेलू काम करते समय दस्ताने पहनना और हाथों व नाखूनों पर मॉइस्चराइजर लगाना मददगार हो सकता है।

5. नेल पॉलिश और रिमूवर का ज्यादा इस्तेमाल

नेल पॉलिश और खासकर रिमूवर का बार-बार इस्तेमाल नाखूनों में रूखापन बढ़ा सकता है। इसके अलावा लगातार जेल या ऐक्रेलिक नेल्स कराने से भी नाखूनों की सतह प्रभावित हो सकती है। नाखूनों को समय-समय पर ब्रेक देना और उनकी देखभाल करना उपयोगी हो सकता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर नाखून लगातार टूट रहे हैं और साथ ही उनके रंग, मोटाई, आकार या बनावट में बदलाव दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। नाखूनों में दर्द या सूजन के साथ अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसे अन्य लक्षण हों, तब भी चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

जरूरत पड़ने पर डॉक्टर लक्षणों के आधार पर ब्लड टेस्ट या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। किसी पोषक तत्व की कमी का पता लगाने के लिए केवल नाखूनों की स्थिति को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी बीमारी या पोषण संबंधी कमी की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।