पंचकूला/पिंजौर, 21 सितंबर 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: राजस्थान के खैरथल-तिजारा नगर परिषद में चेयरमैन पद के चुनाव से कुछ घंटे पहले हरियाणा में राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे उसके समर्थन वाले करीब 18 पार्षदों को रविवार रात चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक लिया। कांग्रेस के अनुसार, पार्षदों को पिंजौर थाने ले जाया गया।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ये पार्षद चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में एक साथ ठहरे हुए थे और सोमवार को तिजारा पहुंचकर चेयरमैन पद के चुनाव में मतदान करने के लिए लौट रहे थे। तिजारा कांग्रेस नेता इमरान खान ने दावा किया कि रविवार रात करीब 9 बजे पार्षदों की बस और उनके साथ चल रहे अन्य वाहनों को सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोका गया। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पिंजौर थाने के बाहर कांग्रेस का धरना
पार्षदों को रोके जाने की खबर के बाद कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और कुछ पार्षदों के परिजन पिंजौर थाने पहुंचे। वहां पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया गया और रोके गए पार्षदों की स्थिति तथा उन्हें रोकने का कारण स्पष्ट करने की मांग की गई। कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता इमरान खान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पार्षदों को ले जा रही बस और अन्य वाहनों को रोका। कांग्रेस नेताओं ने इसे तिजारा चेयरमैन चुनाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे वास्तविक कारण को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
पुलिस की ओर से जांच की बात
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पार्षदों को रोके जाने के मामले में पुलिस की ओर से तत्काल विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था। कुछ रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से मामले की जांच और सत्यापन किए जाने की बात सामने आई है। इसलिए कांग्रेस के आरोप और पुलिस कार्रवाई के वास्तविक कारण के बीच स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
आज होना है चेयरमैन पद का चुनाव
तिजारा नगर परिषद में सोमवार को चेयरमैन पद के लिए मतदान होना है। मतदान से ठीक पहले करीब 18 पार्षदों को रोके जाने के आरोप ने चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस का कहना है कि पार्षदों को मतदान में शामिल होने से रोका जा रहा है, जबकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष, रोके गए पार्षदों की स्थिति और उनका चुनाव में शामिल होना प्रमुख घटनाक्रम होंगे।













