19 September 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है और देशभर में राधाष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज मूल नक्षत्र, आयुष्मान योग और धनु राशि में चंद्रमा रहेगा। दोपहर 2:29 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा, इसके बाद सौभाग्य योग बन जाएगा। राधाष्टमी पूजा के लिए दोपहर का समय विशेष माना गया है। आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया समेत पूरा पंचांग।
आज के प्रमुख पर्व और व्रत
आज राधाष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी, महालक्ष्मी व्रत, शनिवार व्रत और शनि पूजा का दिन है। राधाष्टमी के अवसर पर राधाजी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। राधाष्टमी पूजा का शुभ समय सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा।
आज से 15 दिवसीय महालक्ष्मी व्रत भी शुरू हो रहा है, जो 3 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। मासिक दुर्गाष्टमी पर माता दुर्गा की आराधना भी शुभ मानी जाती है।
शनिवार होने के कारण आज शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है। शनि पूजा के लिए सुबह 7:40 बजे से 9:11 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।
आज का पंचांग
- तिथि: अष्टमी दोपहर 3:26 बजे तक, इसके बाद नवमी
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: शनिवार
- नक्षत्र: मूल, 20 सितंबर रात 1:43 बजे तक; इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
- करण: बव दोपहर 3:26 बजे तक, इसके बाद बालव
- योग: आयुष्मान दोपहर 2:29 बजे तक, फिर सौभाग्य
- चंद्र राशि: धनु
- दिशाशूल: पूर्व दिशा
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:08 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:22 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 1:48 बजे
- चंद्रास्त: रात 11:45 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:34 से 5:21 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:39 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:17 से 3:06 बजे तक
- अमृत काल: शाम 6:31 से 8:19 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:51 से 12:38 बजे तक
दिन का शुभ चौघड़िया
- शुभ-उत्तम: सुबह 7:40 से 9:11 बजे
- चर-सामान्य: दोपहर 12:15 से 1:46 बजे
- लाभ-उन्नति: दोपहर 1:46 से 3:18 बजे
- अमृत-सर्वोत्तम: दोपहर 3:18 से 4:50 बजे
रात का शुभ चौघड़िया
- लाभ-उन्नति: शाम 6:22 से 7:50 बजे
- शुभ-उत्तम: रात 9:18 से 10:47 बजे
- अमृत-सर्वोत्तम: रात 10:47 से 12:15 बजे
- चर-सामान्य: रात 12:15 से 1:43 बजे
- लाभ-उन्नति: सुबह 4:40 से 6:08 बजे
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:11 से 10:43 बजे
- गुलिक काल: सुबह 6:08 से 7:40 बजे
- यमगण्ड: दोपहर 1:46 से 3:18 बजे
- दुर्मुहूर्त: सुबह 6:08 से 6:57 बजे और 6:57 से 7:46 बजे
- दिशाशूल: पूर्व
ध्यान दें: राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। पंचांग के मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर थोड़ा बदल सकते हैं।
शिववास
आज दोपहर 3:26 बजे तक श्मशान में शिववास रहेगा। इसके बाद शिववास गौरी के साथ रहेगा।













