September 19,2026 Fact Recorder
Haryana Desk: रेलवे अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों में इलाज कराने वाले रेलकर्मियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए रेफरल उपचार की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने नई व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। अब सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में रेलवे से पैनलबद्ध निजी अस्पतालों की अद्यतन सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करनी होगी।
इस व्यवस्था से मरीजों और उनके तीमारदारों को अलग-अलग कार्यालयों में जाकर यह जानकारी लेने की जरूरत नहीं होगी कि रेलवे रेफरल के तहत किस निजी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है।
अस्पताल की पूरी जानकारी होगी उपलब्ध
रेलवे बोर्ड के स्वास्थ्य (नीति एवं परियोजना) निदेशक डॉ. आशुतोष गर्ग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, अस्पताल में लगाई जाने वाली सूची में केवल निजी अस्पताल का नाम ही नहीं, बल्कि उसकी विशेषज्ञता, पैनल की वैधता अवधि, पूरा पता और संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे मरीजों को अपनी बीमारी के अनुसार उपयुक्त अस्पताल चुनने में सुविधा होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट रहेगा कि संबंधित अस्पताल की रेलवे के साथ मान्यता कब तक वैध है।
बदलाव होने पर तुरंत अपडेट होगी सूची
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पैनलबद्ध अस्पतालों की सूची को एक बार प्रदर्शित करने के बाद स्थायी रूप से नहीं छोड़ा जाएगा। किसी अस्पताल को पैनल में शामिल करने, हटाने, निलंबित करने या उसकी मान्यता की स्थिति में बदलाव होने पर सूची को तत्काल अपडेट करना होगा।
इससे अस्पतालों से जुड़ी पुरानी या गलत जानकारी प्रदर्शित होने की संभावना कम होगी।
डिजिटल माध्यम से भी मिलेगी जानकारी
रेलवे की चिकित्सा व्यवस्था में पैनलबद्ध अस्पतालों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। रेलवे के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली में पैनलबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों का विवरण उपलब्ध कराया गया है।
लाभार्थी अस्पताल की लोकेशन, उपलब्ध सेवाओं और विशेषज्ञता की जानकारी देखकर उपचार के लिए विकल्प चुन सकते हैं। रेलवे की व्यवस्था में पैनलबद्ध अस्पतालों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।
कैशलेस इलाज और प्रतिपूर्ति की सुविधा
रेफरल या आपात स्थिति में पात्र लाभार्थियों को पैनलबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकती है। वहीं कुछ श्रेणियों के अस्पतालों में मरीज को पहले भुगतान करना पड़ सकता है और निर्धारित नियमों के तहत बाद में प्रतिपूर्ति का प्रावधान हो सकता है।
ऐसे में अस्पताल की सूची के साथ उसकी श्रेणी और उपलब्ध सुविधा की जानकारी भी मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
आपात स्थिति में मिलेगी बड़ी मदद
गंभीर बीमारी या अचानक स्वास्थ्य खराब होने की स्थिति में नई व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। तीमारदारों को यह पता लगाने में समय नहीं गंवाना पड़ेगा कि रेलवे से पैनलबद्ध कौन-सा निजी अस्पताल उपलब्ध है।
उत्तर रेलवे भी समय-समय पर पैनलबद्ध निजी अस्पतालों की सूची जारी करता है, जिसमें अस्पताल का नाम, उपलब्ध विशेषज्ञता और पैनल की वैधता जैसी जानकारी शामिल होती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य रेलवे लाभार्थियों को उपलब्ध चिकित्सा विकल्पों की जानकारी एक ही स्थान पर स्पष्ट और आसानी से उपलब्ध कराना है।













