चंडीगढ़: 26 Aug 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पंजाब की आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बसपा पंजाब में किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन या समझौता नहीं करेगी और अपने दम पर अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी।
लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में पंजाब संगठन की समीक्षा बैठक के दौरान मायावती ने पार्टी नेताओं को चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी मेहनती, ईमानदार और जनता से जुड़े लोगों को उम्मीदवार बनाने पर विशेष जोर देगी।
मायावती ने कहा कि पिछले चुनावों में गठबंधन की वजह से बसपा को सीटों और वोट प्रतिशत दोनों स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में अब पंजाब में पार्टी अपने संगठन और जनाधार के दम पर चुनाव लड़ेगी।
पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से परेशान है। बसपा गरीबी, बेरोजगारी और अन्य जन मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक मुहिम को आगे बढ़ाएगी।
बैठक में पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मायावती ने कार्यकर्ताओं को कांशीराम की बरसी और अगले साल जनवरी में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि पंजाब में बसपा का विभिन्न दलों के साथ गठबंधन का लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। 1996 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन किया था और गठबंधन ने राज्य में शानदार प्रदर्शन किया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था।
मायावती के ताजा ऐलान के बाद पंजाब में बसपा की चुनावी रणनीति साफ हो गई है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ने की तैयारी कर रही है।













