तलवाड़ा, 26 अगस्त 2026 Fact Recorder
Punjab Desk : भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता के निर्देशानुसार बीबीएमबी अस्पताल द्वारा मिशन स्वस्थ समाज के तहत लोगों के लिए स्वाइन फ्लू से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बीबीएमबी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. सुखदेव सिंह संधू ने बताया कि देश में स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या बढ़ी है, लेकिन इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एच1एन1 का पुराना वैरिएंट है। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान मरीज की जांच करने के बाद आवश्यक उपचार देकर उसे घर भेज दिया जाता है। किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को इससे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, कैंसर के मरीजों, मधुमेह के मरीजों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। यदि किसी आवश्यक कार्य से जाना पड़े तो मास्क पहनकर जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में नमी होने के कारण अक्सर वायरल संक्रमण बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इससे बचाव और इसके समय पर उपचार के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू एच1एन1 नामक वायरस के कारण होता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सांस के माध्यम से फैलता है।
उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल से ढककर रखें। नाक, आंखों और मुंह को छूने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। खांसी, बहती नाक, छींक और बुखार से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। फ्लू के लक्षणों वाले मरीज से हाथ न मिलाएं तथा खुले स्थानों और सार्वजनिक जगहों पर न थूकें। उन्होंने कहा कि इन सावधानियों को अपनाकर स्वाइन फ्लू से बचाव किया जा सकता है।
डॉ. सुखदेव सिंह संधू ने स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तेज बुखार, खांसी, जुकाम, छींक आना, नाक बहना, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, दस्त लगना तथा शरीर में दर्द या टूटन महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।













