14 July 2026 Fact Recorder
National Desk: उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सविन बंसल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है क्योंकि पिछले वर्ष लोकसभा स्पीकर के उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़े विवाद में लोकसभा सचिवालय ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
सविन बंसल को तीन वर्षों के लिए लोकसभा सचिवालय में प्रतिनियुक्ति दी गई है। फिलहाल वे उत्तराखंड सरकार में आबकारी विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। लंबे समय से उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा चल रही थी, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।
क्या था प्रोटोकॉल विवाद?
यह मामला जून 2025 का है, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे थे। उस समय सविन बंसल देहरादून के जिलाधिकारी थे। आरोप था कि स्पीकर के दौरे के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
लोकसभा सचिवालय ने इस संबंध में केंद्र के कार्मिक मंत्रालय के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने स्पीकर के आगमन से पहले संपर्क करने पर समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी और एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए भी मौजूद नहीं थे। इसके बाद राज्य के प्रोटोकॉल विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था।
अब उसी सचिवालय में मिली जिम्मेदारी
दिलचस्प बात यह है कि जिस लोकसभा सचिवालय ने प्रोटोकॉल मामले में उनके खिलाफ शिकायत की थी, अब वहीं उन्हें संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कौन हैं सविन बंसल?
हरियाणा के मूल निवासी सविन बंसल वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने NIT कुरुक्षेत्र से बी.टेक की पढ़ाई की और इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से रिस्क एंड डिजास्टर मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यूपीएससी परीक्षा उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सफलतापूर्वक पास की थी।
प्रशिक्षण के बाद उन्हें उत्तराखंड कैडर आवंटित हुआ। अपने प्रशासनिक करियर में वे देहरादून, नैनीताल और अल्मोड़ा समेत कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। मई 2026 से वे उत्तराखंड के आबकारी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।













