Home Haryana स्पोर्ट्स, फिटनेस और वेलनेस पर जोर, मिशन ओलंपिक्स-2036 पर नजर

स्पोर्ट्स, फिटनेस और वेलनेस पर जोर, मिशन ओलंपिक्स-2036 पर नजर

प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करने को हरियाणा की बहु-स्तरीय कार्ययोजना  मुख्य सचिव ने की प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 3 जून 2026 Fact Recorder

Haryana Desk:  मिशन ओलंपिक्स-2036 को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करने का बीड़ा उठाया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन ओलंपिक्स-2036-विजयी भवः’ के तहत 8 से 10 वर्ष के आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग से प्रारंभिक वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है।

इसके साथ ही प्रदेश खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों के महत्व को देखते हुए हरियाणा खेल विश्वविद्यालय द्वारा ई-स्पोर्ट्स, खेल पत्रकारिता, खेल संचार और खेल प्रबंधन जैसे विषयों में विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में रोजगार और करियर के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

राज्य सरकार खेल नीति में संशोधन, दीर्घकालिक प्रतिभा विकास कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य के ओलंपियनों को तैयार करने तथा खिलाड़ियों को एकीकृत डिजिटल मंच के जरिए सरकारी सेवाओं तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इन पहलों की जानकारी आज यहां हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी को दी गई।

बैठक में दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान लिए गए निर्णयों पर हरियाणा द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में खेल एवं सह-पाठयक्रम गतिविधियों को युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी स्वीकृत कार्य बिंदुओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए विभागों को राष्ट्रीय रोडमैप के तहत निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।

खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि हरियाणा ने अपनी खेल नीति के संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे अंतिम बार वर्ष 2015 में अपडेट किया गया था। वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा और नवीनतम राष्ट्रीय खेल नीति तथा आधुनिक खेल प्रशासन की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों के लिए सुझाव देने के लिए एक समर्पित कार्य समूह का गठन किया गया है। प्रस्तावित संशोधन से खिलाड़ियों के कल्याण, प्रतिभा विकास कार्यक्रमों, खेल अवसंरचना तथा संस्थागत सहायता तंत्र को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने मुख्य सचिव को ‘खेलो हरियाणा ऐप’ की भी जानकारी दी। यह डिजिटल प्लेटफार्म खिलाड़ियों के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से छात्रवृत्ति, नकद पुरस्कार, रोजगार लाभ, खेल ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र, पेंशन और बीमा सुविधाओं सहित खिलाड़ियों के कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित खेल प्रतियोगिताओं की निगरानी तथा पूरे प्रदेश में उपलब्ध खेल अवसंरचना का वास्तविक समय में रिकॉर्ड रखने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली विकसित करने की योजना है।

बैठक मंे बताया गया कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें विकसित करने के लिए पहले से ही खेल नर्सरी, आवासीय अकादमियों और उत्कृष्टता केंद्रों की एक सुव्यवस्थित व्यवस्था मौजूद है। यह बहु-स्तरीय प्रणाली युवा खिलाड़ियों को जमीनी स्तर की भागीदारी से लेकर उन्नत प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी खेलों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

राज्य में ’माई भारत’ मंच पर 6.61 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं, जो युवाओं की विकासात्मक, शैक्षिक और सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में यूथ क्लबों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों का भी पंजीकरण किया गया है, जिससे युवा नेतृत्व और सहभागिता के अवसरों का विस्तार हुआ है।

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष तथा विकास एवं पंचायत विभागों द्वारा बच्चों और युवाओं में शारीरिक साक्षरता, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने और प्रारंभिक आयु से ही शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से योग कार्यक्रमों, फिटनेस गतिविधियों और शारीरिक साक्षरता मूल्यांकन जैसी विभिन्न पहलें  की जा रही हैं।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री अश्वनी मलिक सहित तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।