25 May 2026 Fact Recorder
Health Desk: थायराइड की समस्या आज तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके बारे में कई गलत धारणाएं भी लोगों के बीच फैली हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि थायराइड को हल्के में लेना शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। हर साल 25 मई को World Thyroid Day मनाया जाता है ताकि लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।
क्या है थायराइड?
थायराइड एक छोटी तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो गले में मौजूद रहती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा उत्पादन को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह हार्मोन जरूरत से ज्यादा या कम बनने लगते हैं, तब थायराइड की समस्या शुरू होती है।
थायराइड से जुड़े आम मिथक और सच्चाई
मिथक: थायराइड होने पर जिंदगी भर दवा लेनी पड़ती है
सच्चाई:
हर मरीज के साथ ऐसा जरूरी नहीं है। कई मामलों में लंबे समय तक दवा चल सकती है, लेकिन सही इलाज, नियमित जांच और बेहतर लाइफस्टाइल से दवा की मात्रा कम या बंद भी हो सकती है।
मिथक: थायराइड सिर्फ महिलाओं को होता है
सच्चाई:
महिलाओं में यह ज्यादा देखा जाता है, लेकिन पुरुष और बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। पुरुषों में इसके लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।
मिथक: यह सिर्फ गले की बीमारी है
सच्चाई:
हालांकि थायराइड ग्रंथि गले में होती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। इससे हार्ट रेट, नींद, वजन, ऊर्जा स्तर, स्किन और मानसिक स्वास्थ्य तक प्रभावित हो सकता है।
थायराइड होने के कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, थायराइड की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
- जेनेटिक कारण
- आयोडीन की कमी या अधिकता
- ऑटोइम्यून बीमारियां
- एनीमिया
- Type 1 Diabetes
- Lupus
- गठिया और अन्य प्रतिरक्षा संबंधी रोग
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में करोड़ों लोग थायराइड की समस्या से प्रभावित हैं।
थायराइड के प्रमुख प्रकार
Hypothyroidism
इसमें शरीर में थायराइड हार्मोन कम बनने लगता है। इसके लक्षण हैं:
- वजन बढ़ना
- कब्ज
- थकान
- ड्राई स्किन
- हार्ट रेट धीमा होना
Hyperthyroidism
इस स्थिति में हार्मोन जरूरत से ज्यादा बनने लगता है। इसके लक्षण हैं:
- तेजी से वजन घटना
- घबराहट
- नींद की समस्या
- कमजोरी
- हार्ट रेट बढ़ना
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर लंबे समय तक थकान, वजन में अचानक बदलाव, बाल झड़ना, नींद की समस्या या दिल की धड़कन में बदलाव महसूस हो, तो जांच जरूर करवानी चाहिए। समय पर पहचान और इलाज से थायराइड को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।













