25 May 2026 Fact Recorder
National Desk: ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले All India Pasmanda Ulema Board ने मुस्लिम समुदाय से गाय की कुर्बानी से परहेज करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि जहां कानूनी प्रतिबंध लागू हैं या सांप्रदायिक तनाव की आशंका हो, वहां दूसरे वैध जानवरों की कुर्बानी देकर धार्मिक परंपरा निभाना बेहतर और समझदारी भरा कदम होगा।
बोर्ड के प्रमुख Maulana Dr. Ubaidullah Qasmi ने कहा कि इस्लाम में कुर्बानी इबादत का अहम हिस्सा है और शरीयत में गाय भी कुर्बानी के लिए मान्य जानवरों में शामिल है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का पालन और सामाजिक शांति बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी इलाके में गाय की कुर्बानी से विवाद, हिंसा या दंगे भड़कने की आशंका हो, तो मुस्लिम समुदाय को संयम दिखाना चाहिए और दूसरे वैध जानवरों की कुर्बानी देनी चाहिए।
मौलाना कासमी ने जोर देकर कहा कि इस्लाम शांति, समझदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। ऐसे में समाज में भाईचारा और कानून व्यवस्था बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि Eid al-Adha दुनियाभर में मनाया जाने वाला इस्लाम का प्रमुख त्योहार है। यह पैगंबर Prophet Ibrahim की आस्था और बलिदान की याद में मनाया जाता है। अलग-अलग देशों में लोग स्थानीय कानूनों और नियमों के अनुसार कुर्बानी करते हैं।













