14 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: शिमला में सरकारी आवासों के पानी के बिलों को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। जल शक्ति विभाग और शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने 1988 सरकारी आवासों के लिए करीब 2.88 करोड़ रुपये के बिल जारी किए हैं, लेकिन इनकी अदायगी अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
यह बिल उन सरकारी आवासों से जुड़े हैं, जो खाली होने के बाद लंबे समय तक नए आवंटन के बिना पड़े रहे, जिससे पानी के उपयोग का खर्च बढ़ता गया। मामला अब राज्य सरकार के पास विचाराधीन है और अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
जानकारी के मुताबिक, 1650 मामले अकेले शिमला शहर से जुड़े हैं, जिन पर करीब 2.78 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि बाकी 288 आवासों पर लगभग 10.91 लाख रुपये का बिल लंबित है। सभी आवासों में मीटर लगे होने के बावजूद भुगतान न होने से यह राशि अटकी हुई है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि इस मामले पर जल्द फैसला लिया जाएगा।











