04 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी गुरतेज सिंह पिछले तीन साल से शहर में बाइक टैक्सी चलाकर रह रहा था और इस दौरान वह अपने घर भी नहीं गया।
पुलिस के अनुसार, हमले में शामिल दूसरा आरोपी अमनप्रीत सिंह भी चंडीगढ़ में वाहन चालक के रूप में काम कर रहा था। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
जांच के दौरान मोरिंडा के गांव रतनगढ़ में छापेमारी के दौरान अमनप्रीत के घर से एक संदिग्ध पीला लिफाफा बरामद हुआ है। आशंका है कि इसमें हमले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी या सामग्री हो सकती है।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जांच में खुलासा हुआ है कि ग्रेनेड अमनप्रीत ने फेंका, जबकि गुरतेज उसकी रिकॉर्डिंग कर रहा था। यह तरीका 29 मार्च को अमृतसर में पुलिस थाने के बाहर हुए धमाके से मिलता-जुलता है, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच की जा रही है।
इस मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ एनआईए, पंजाब काउंटर इंटेलिजेंस और एजीटीएफ जैसी एजेंसियां मिलकर कर रही हैं।
परिवार के अनुसार, गुरतेज पिछले तीन वर्षों से घर नहीं आया था और चंडीगढ़ में ही रहकर काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है।













