पंचकूला FD घोटाला: मृत व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुआ सरकारी पैसा, ACB जांच में बड़ा खुलासा

04 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Chandigarh Desk: पंचकूला नगर निगम के बहुचर्चित FD घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए एक ऐसे व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल किया, जिसकी करीब 18 महीने पहले ही मौत हो चुकी थी।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के अनुसार, घोटाले की रकम विनोद कुमार नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई। जब जांच टीम आरोपी रजत डाहरा को साथ लेकर राजपुरा पहुंची, तो पता चला कि विनोद कुमार की काफी समय पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह खाता मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक “फ्रंट” के रूप में इस्तेमाल किया गया, ताकि लेन-देन को छुपाया जा सके और ऑडिट या जांच से बचा जा सके।

अब ACB इस बात की जांच कर रही है कि मृत व्यक्ति के खाते का संचालन कौन कर रहा था और बैंक स्तर पर KYC नियमों की अनदेखी कैसे हुई। पुलिस को शक है कि ऐसे कई और फर्जी या बेनामी खाते इस्तेमाल किए गए होंगे।

पूछताछ में रजत डाहरा ने सह-आरोपी स्वाती तोमर का नाम भी उजागर किया है, जिसकी तलाश में चंडीगढ़ और पानीपत में छापेमारी की गई, लेकिन वह अब तक फरार है।

इस मामले में अन्य आरोपियों में विकास कौशिक, दिलीप कुमार राघव और कपिल कुमार शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों के जरिए ट्रांसफर किए गए।

ACB अब डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के जरिए पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी है।