04 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अब बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है, जिससे वैश्विक शिपिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में पहले से ही तनाव बना हुआ है और वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। अगर बाब अल-मंदेब भी इस दायरे में आता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर दबाव पड़ सकता है।
गालिबाफ ने संकेत दिया कि दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल, एलएनजी, खाद्यान्न और उर्वरक आपूर्ति इन समुद्री मार्गों से गुजरती है। ऐसे में इन रास्तों पर किसी भी तरह का व्यवधान कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के मुद्दे पर एशियाई देशों को आगे आने की सलाह दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एशियाई देशों की जिम्मेदारी बताया है, जिससे वैश्विक कूटनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब पर भी दबाव बनाता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है और तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया का यह संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।













