
02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। सोमवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में एक बार फिर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
इस बीच इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किए जाने का दावा एक शिया मिलिशिया संगठन ने किया है। हमले की जिम्मेदारी सराया औलिया अल-दम नामक समूह ने ली है। बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ते तनाव की कड़ी में किया गया है।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान पर हुए हमलों की जानकारी देंगे। पेंटागन के मुताबिक, यह संयुक्त ऑपरेशन “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अंजाम दिया गया था। हेगसेथ जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ चेयरमैन जॉन केन के साथ मीडिया को संबोधित करेंगे।
उधर, बगदाद के दक्षिण में स्थित जुरफ अल-सखर इलाके में भी हवाई हमले की खबर सामने आई है। हालांकि अभी तक नुकसान का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच बढ़ी झड़पों के बाद दक्षिणी लेबनान से बेरूत की ओर बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन शुरू हो गया है। इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 50 से अधिक गांवों को खाली करने का आदेश दिया है।
इधर कतर ने भी अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया है। अब वह मिसाइल और ड्रोन हमलों को सीधे शहरों के ऊपर मार गिराने की बजाय लड़ाकू विमानों के जरिए खाड़ी के ऊपर निष्क्रिय करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि गिरते मलबे से नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
क्षेत्र में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें हालात पर टिकी हुई हैं।












