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डीएचबीवीएन मुख्यालय में जींद एसई को सस्पेंड करने का हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन विरोध जताते हुए।
हरियाणा में मंत्री का फोन न उठाने पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (DHBVNL) के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (SE) को सस्पेंड मामले में हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन विरोध में उतर आई है। रोष प्रदर्शन में 70 से अधिक निगम अधिकारियों ने भाग लिया और
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शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की शिकायत पर बिजली मंत्री अनिल विज ने जींद सर्कल के SE हरि दत्त को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद हरि दत्त को दिल्ली स्थित चीफ इंजीनियर ऑफिस में अटैच किया गया। जहां पर वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अधिकारी की पहले भी इस तरह की शिकायतें शिक्षा मंत्री के सामने आ रही थीं।
बता दें कि बुधवार को चंडीगढ़ में परिवहन एवं बिजली मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में बिजली निगम के अधिकारियों की बैठक थी। इसमें ये मामला उठा। इस पर विज ने SE के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
इंजीनियरों में भारी रोष
इस दौरान एसोसिएशन प्रदेश महासचिव रविंद्र घनघस ने कहा कि जींद सर्कल के एसई हरिदत्त को निलंबित करने से इंजीनियरों में भारी रोष है। सीनियर उपाध्यक्ष बलजीत बैनीवाल ने बताया कि अधीक्षण अभियंता से मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति के संबंध में निदेशक मंडल के एजेंडे को प्रशासन विंग द्वारा वापस ले लिया है, जिससे एसई, एक्सईएन और एसडीओ के पदोन्नति के अवसर रुक गए हैं।
मुख्य अभियंताओं के पास दोहरे प्रभार
उल्लेखनीय है कि विभिन्न मुख्य अभियंताओं के पास दोहरे प्रभार हैं, जिससे एसडीओ और एक्सईएन के संबंध में पुनर्गठन का कार्यान्वयन भी प्रभावित हो रहा है। हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (एचबीपीई) द्वारा 2021 में इसकी मंजूरी के बावजूद एसडीओ और एक्सईएन के संबंध में पुनर्गठन लागू नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा निगम के उपभोक्ताओं में समय के साथ तेजी से वृद्धि हुई है, क्योंकि बहुत सारे उप-उपमंडल 40000 से अधिक उपभोक्ताओं को संभाल रहे हैं।
एक्सईएन के 29 पदों के मुकाबले दो ही भरे
हिसार जोन प्रेसिडेंट आशीष मोदी ने बताया कि आज तक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में एचबीपीई द्वारा 2021 में अनुमोदित, एक्सईएन के 29 पदों के मुकाबले केवल 2 पद ही भरे गए हैं और चरखी दादरी और नूँह ज़िले में किसी अधीक्षण अभियंता की नियुक्ति आज तक नहीं की हुई है, जिसके कारण बिजली की सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को दूसरे डिस्ट्रिक्ट जाना पड़ता है।
उपभोक्ताओं को आरटीएस के अनुसार नहीं मिल रही सेवाएं
इस प्रकार एसडीओ और एक्सईएन के पुनर्गठन के कार्यान्वयन में प्रशासन विंग की ओर से देरी हो रही है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को सेवाएं आरटीएस एक्ट के अनुसार नहीं मिल पा रहीं है और साथ ही आरटीएस कमीशन भी काम समय पर ना होने पर जुर्माना लगा देता है l












