Home Haryana Kurukshetra Devendra Fired Bullet Vedpathi-Brahmin Robin Behest | Kurukshetra News Update |...

Kurukshetra Devendra Fired Bullet Vedpathi-Brahmin Robin Behest | Kurukshetra News Update | देवेंद्र ने रोबिन के कहने पर वेदपाठी-ब्राह्मण पर दागी गोली: 2 बाउंसर ने की थी फायरिंग; पैरामिलिट्री-फोर्स में रहा देवेंद्र; रोबिन पेपर-लीक कांड का मास्टर-माइंड – Haryana News

आरोपी देवेंद्र को कोर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजा।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में चल रहे 1008 कुंडीय जनकल्याण शिव-शक्ति महायज्ञ के दौरान फायरिंग करने वाले 1 नहीं बल्कि 2 बाउंसर थे। दोनों ने जिला सोनीपत के शामडी गांव के रोबिन खोखर के कहने पर गोलियां चलाई थी। इस बात का खुलासा पुलिस जांच में ह

रोबिन खोखर के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामला दर्ज है। इनमें वेदपाठी ब्राह्मण को गोली मारने वाले आरोपी देवेंद्र निवासी हुमायूंपुर जिला रोहतक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट के ऑर्डर से 3 दिन के रिमांड पर लिया है।

CIA-2 इंचार्ज मोहन लाल बोले- आरोपी से लाइसेंसी पिस्टल बरामद।

CIA-2 इंचार्ज मोहन लाल बोले- आरोपी से लाइसेंसी पिस्टल बरामद।

पैरामिलिट्री फोर्स में था देवेंद्र

CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल के मुताबिक, देवेंद्र पैरामिलिट्री फोर्स त्रिपुरा राइफल्स में तैनात था। कुछ साल पहले उसने फोर्स को छोड़ दिया था। फिलहाल देवेंद्र पिछले करीब 6 महीने से रोबिन के साथ बतौर गनमैन काम कर रहा था। रोबिन के कहने पर देवेंद्र यज्ञ में सिक्योरिटी देने आया था।

देवेंद्र के पास अपनी लाइसेंसी पिस्टल है। उसी से उसने वेदपाठी ब्राह्मण लखनऊ से आए आशीष तिवारी को गोली मारी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 45 बोर की पिस्टल बरामद कर ली। हालांकि पुलिस ने घटना वाले दिन पिस्टल से चले खोल बरामद किए थे।

रोबिन ने नववर्ष पर स्वामी हरिओम से अपने आवास पर करवाया था यज्ञ

रोबिन ने नववर्ष पर स्वामी हरिओम से अपने आवास पर करवाया था यज्ञ

आयोजक की ओर से सुरक्षा देख रहा था

CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने साफ किया कि आयोजकों की ओर से रोबिन खोखर यज्ञ की सिक्योरिटी देख रहा था ताकि पार्क की बाउंड्री और यज्ञशाला में कोई शरारत ना कर सके। इसके लिए रोबिन अपने 2 साथी देवेंद्र और जयदीप को अपने साथ लेकर यज्ञ में आया था। घटना वाले दिन यानी 22 मार्च को तीनों यज्ञशाला के बाहर ही खड़े थे। कुरुक्षेत्र में यज्ञ करने से पहले रोबिन ने स्वामी हरिओम से 1 जनवरी को अपने घर पर 9 कुंडीय यज्ञ करवाया था।

पेपर लीक कांड का सरगना रोबिन

रोबिन खोखर हरियाणा के बहुचर्चित पेपर लीक कांड मामले का सरगना है। पहले रोबिन दिल्ली पुलिस फोर्स में बतौर सिपाही तैनात था। पेपर लीक कांड में नाम आने पर दिल्ली पुलिस ने उसे फोर्स से बर्खास्त कर दिया था। अब पुलिस गोलीकांड मामले में आरोपी रोबिन खोखर और फायरिंग करने वाले उसके दूसरे साथी जयदीप की तलाश कर रही है।

सुरक्षा के बीच पुलिस ने आशीष से कोर्ट में करवाई आरोपी देवेंद्र की पहचान।

सुरक्षा के बीच पुलिस ने आशीष से कोर्ट में करवाई आरोपी देवेंद्र की पहचान।

कोर्ट में करवाई आरोपी की पहचान

आरोपी देवेंद्र को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट के सामने ही आरोपी देवेंद्र की पहचान उसकी गोली लगने से जख्मी हुए आशीष तिवारी से करवाई। हादसे में जख्मी हुए दूसरे वेदपाठी ब्राह्मण प्रिंस शुक्ता निवासी लखीमपुर काे भी कोर्ट में एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था। आरोपी की पहचान के बाद दोनों को एक साथ दोबारा अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस सुरक्षा में दोनों को कोर्ट लाया गया था।

22 मार्च को एक्चुअल ये हुआ

2 मार्च को आशीष तिवारी अपने गुरु भाइयों के साथ सैनी समाज सभा में भंडारे में मिली खिचड़ी से बदबू आने और बासी खिचड़ी की शिकायत लेकर स्वामी हरिओम के पास यज्ञशाला में जा रहा था। यहां रोबिन, देवेंद्र और जयदीप ने उनको रोक लिया और स्वामी हरिओम से मिलने का कारण पूछा। इस उन्होंने बता दिया कि उनको बासी खाना दिया जा रहा है।

इस पर रोबिन और उसके साथी उन पर भड़क गए और बोले कि हम, जो खाना खा रहे हैं वही उनको भी खाना पड़ेगा। इस पर वेदपाठी ब्राह्मण विरोध करने लगे। इसलिए रोबिन के कहने पर देवेंद्र और जयदीप ने पहले हवाई फायर किया। जब ब्राह्मण पीछे नहीं हटे तो देवेंद्र ने आशीष पर सीधी गोली चला दी, जो आशीष की जांघ के पास जाकर लगी। इससे आशीष जख्मी हो गया था।

खोल बरामद होने पर पुलिस ने घटनास्थल पर लगाए निशान।

खोल बरामद होने पर पुलिस ने घटनास्थल पर लगाए निशान।

7100 रुपए दक्षिणा पर बुलाए ब्राह्मण

स्वामी हरिओम की ओर से यज्ञ में शामिल होने के लिए प्रति वेदपाठी ब्राह्मण को 7100 रुपए की दक्षिणा में बुलाया गया। इसमें रहने, ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था स्वामी हरिओम की ओर से गई। 22 मार्च की घटना के बाद वृंदावन के भागवत आश्रम से आए आशीष के गुरु भाई वापस जाना चाहते थे।