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भारत की इस जगह को कहा जाता है हाथियों का स्वर्ग, सफारी से लेकर घूमने तक का शानदार अनुभव

August 12,2026 Fact Recorder

Lifestyle Desk:  हर साल 12 अगस्त को World Elephant Day मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हाथियों के संरक्षण, उनकी सुरक्षा और घटती संख्या को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। भारत में कई ऐसे जंगल और नेशनल पार्क हैं, जहां एशियाई हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखा जा सकता है। इनमें कर्नाटक का नागरहोल टाइगर रिजर्व खास तौर पर प्रसिद्ध है।

नागरहोल टाइगर रिजर्व में दिखते हैं हाथियों के बड़े झुंड

कर्नाटक में स्थित नागरहोल टाइगर रिजर्व मैसूरु और कोडागु के बीच फैला हुआ है। यह दक्षिण भारत के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है और यहां एशियाई हाथियों की अच्छी संख्या देखने को मिलती है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, यह क्षेत्र बड़े एशियाई हाथी झुंडों के लिए जाना जाता है।

घने जंगल, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच हाथियों को करीब से देखने का अनुभव पर्यटकों के लिए खास हो सकता है। यहां वन्यजीव प्रेमियों को हाथियों के अलावा कई अन्य जंगली जानवर और पक्षी भी देखने को मिल सकते हैं।

काबिनी में जीप और बोट सफारी का मजा

नागरहोल घूमने के दौरान काबिनी क्षेत्र भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां जीप सफारी के साथ-साथ बोट सफारी का आनंद लिया जा सकता है। नागरहोल में वन विभाग की ओर से आम तौर पर सुबह और शाम सफारी कराई जाती है।

काबिनी का जंगल और जलाशय वाला इलाका वन्यजीवों को देखने के लिए खास माना जाता है। सफारी के दौरान हाथियों के झुंड नजर आ जाएं तो यात्रा का अनुभव और भी यादगार बन सकता है।

नागरहोल कैसे पहुंचें?

नागरहोल, मैसूरु से करीब 80-90 किलोमीटर की दूरी पर है। देश के अलग-अलग हिस्सों से ट्रेन या फ्लाइट के जरिए मैसूरु पहुंचने के बाद टैक्सी या अन्य सड़क परिवहन से नागरहोल जाया जा सकता है।

वहीं, बेंगलुरु से नागरहोल की दूरी करीब 240 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचना भी एक अच्छा विकल्प है।

अक्टूबर से मई तक घूमना बेहतर

नागरहोल घूमने के लिए अक्टूबर से मई के बीच का समय बेहतर माना जाता है। मानसून के बाद जंगल की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है। सर्दियों के दौरान मौसम भी अपेक्षाकृत सुहावना रहता है, जिससे सफारी और घूमने का अनुभव बेहतर हो सकता है।

नागरहोल और उसके आसपास पर्यटकों के ठहरने के लिए जंगल लॉज, रिसॉर्ट, होटल और होमस्टे जैसे कई विकल्प मिल जाते हैं। World Elephant Day के मौके पर अगर आप भारत में हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने की योजना बना रहे हैं, तो नागरहोल एक शानदार विकल्प हो सकता है।