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रात में क्यों हुआ नाना पाटेकर का अं*तिम संस्कार? बेटे ने बताई वजह

हैदराबाद: 09 Oct 2026 Fact Recorder

National Desk :   अभिनेता नाना पाटेकर के अं*तिम संस्कार का समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मीडिया में सामने आई खबरों के मुताबिक, गुरुवार देर रात पुणे के खड़कवासला के पास स्थित उनके फार्महाउस में उनका अं*तिम संस्कार किया गया। अं*तिम संस्कार रात में करने को लेकर उठ रहे सवालों पर उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने परिवार के फैसले की वजह बताई।

देर रात अं*तिम संस्कार करने का क्या था कारण?

जब मीडिया ने मल्हार पाटेकर से पूछा कि अं*तिम संस्कार अगले दिन करने के बजाय देर रात ही क्यों किया गया, तो उन्होंने बताया कि परिवार को लगा कि घटना के बाद पहले ही काफी समय बीत चुका है। इसलिए उन्होंने उसी दिन अं*तिम संस्कार करने का फैसला लिया।

मल्हार के अनुसार, परिवार ने अं*तिम संस्कार को अगले दिन तक टालने के बजाय जल्द से जल्द संपन्न करना उचित समझा।

अं*तिम संस्कार में कौन-कौन हुआ शामिल?

खबर के अनुसार, अं*तिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, प्रवीण तरडे, साजिद नाडियाडवाला और अनिल शर्मा समेत कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इसके अलावा कई राजनीतिक हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की बात कही गई है।

करीब पांच दशक का शानदार फिल्मी सफर

नाना पाटेकर ने मराठी थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अपने लंबे करियर में उन्होंने गंभीर, संवेदनशील, खतरनाक और हास्य से भरपूर कई यादगार किरदार निभाए।

‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘वजूद’, ‘अपहरण’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

‘वेलकम’ से कॉमेडी में भी बनाई खास पहचान

फिल्म ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार ने नाना पाटेकर के एक अलग अंदाज को दर्शकों के सामने पेश किया। अनिल कपूर के साथ उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग और मजेदार संवादों ने उदय शेट्टी और मजनू भाई की जोड़ी को दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। वर्ष 2015 में आई ‘वेलकम बैक’ में भी उन्होंने इसी किरदार को दोहराया।

आखिरी फिल्मों में भी रहे सक्रिय

अपने करियर के अंतिम वर्षों में भी नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्मों में सक्रिय रहे। ‘द वैक्सीन वॉर’, ‘वनवास’, ‘हाउसफुल 5’, ‘ओ’ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ जैसी फिल्मों में उनके काम का जिक्र किया जाता है।

भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों, कई फिल्मफेयर पुरस्कारों और पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनका फिल्मी सफर भारतीय सिनेमा में उनके दमदार अभिनय और बहुमुखी प्रतिभा की मिसाल रहा है।