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मौसम ने बदला रुख, 11 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

19 June 2026 Fact Recorder

National Desk:  देश के कई हिस्सों में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों के दौरान उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है।

मौसम में बदलाव की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से एक नया मौसम तंत्र विकसित हुआ है। इसी कारण उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है।

पिछले कुछ सप्ताह से मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण कई राज्यों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ था। अब इस नए सिस्टम से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में असर की संभावना

मौसम विभाग ने जिन राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है, उनमें शामिल हैं—

उत्तर भारत

  • दिल्ली-एनसीआर
  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान

मध्य भारत

  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़

पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्र

  • बिहार
  • झारखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा

बारिश के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूरी बनाए रखें।

प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर

तेज हवाओं और खराब दृश्यता के कारण कुछ शहरों में हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से दिल्ली और लखनऊ जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन में देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

किसानों को बारिश का इंतजार

मॉनसून की धीमी प्रगति ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है।

हालांकि मौसम में आए इस बदलाव से किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य मॉनसूनी गतिविधियां जल्द शुरू होना आवश्यक है ताकि खेती पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके।