26 May 2026 Fact Recorder
National Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा है कि प्रदेश की जेलों को सिर्फ कैदियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सोमवार को कारागार विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों का उपयोग केवल पेशेवर अपराधियों और माफिया के लिए होना चाहिए, जबकि छोटे अपराधों में शामिल लोगों के लिए ‘ओपन जेल’ व्यवस्था अधिक कारगर साबित हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को ओपन जेल की अवधारणा को लागू करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित बंदियों, बच्चों के साथ जेल में रह रही महिला कैदियों और केवल जमानत राशि जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद लोगों की अलग सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वर्ष 2017 में 70 जेलों की क्षमता 58,400 थी, जबकि बंदियों की संख्या 96,383 थी। वहीं वर्तमान में 77 जेलों की कुल क्षमता 77,673 है और बंदियों की संख्या 79,782 है, जिससे ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 रह गई है।
सरकार द्वारा वर्ष 2017 के बाद चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा, प्रयागराज, श्रावस्ती और बरेली सहित सात नए कारागार शुरू किए गए हैं। इससे करीब 10,495 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता विकसित हुई है। इसके अलावा अमेठी, महोबा, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में नए जेल निर्माण कार्य जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच जेलों में 6200 सीसीटीवी कैमरे, 30 ड्रोन कैमरे, 24 बैगेज स्कैनर, 84 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और 195 बॉडी वार्न कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही अदालतों में पेशी के लिए 83 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इकाइयां भी स्थापित की गई हैं।
बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की 37 जेलों में ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत सिलाई, दरी, कंबल, फिनायल, लकड़ी कला, मसाले, रेडीमेड वस्त्र, एलईडी बल्ब और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कारागार विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश भी दिए। विभाग के अनुसार 3647 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि वर्ष 2017 से अब तक 4055 नियुक्तियां और 2868 पदोन्नतियां दी जा चुकी हैं।













