August 12,2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्किये के दौरे पर ट्रंप को संभावित ईरानी हमले के खतरे को देखते हुए बेहद गुप्त तरीके से एक विमान से दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को ट्रंप के विमान को निशाना बनाए जाने की आशंका के संबंध में विश्वसनीय जानकारी मिली थी। इसके बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।
कैटरिंग ट्रक से सैन्य विमान तक पहुंचाया गया
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को पहले कतर से मिले बोइंग 747-8 विमान, जिसे एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, पर सवार होते हुए दिखाया गया। इससे ऐसा लगा कि राष्ट्रपति इसी विमान से तुर्किये से रवाना होंगे।
हालांकि, इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने गुप्त योजना के तहत ट्रंप को एक कैटरिंग ट्रक के जरिए दूसरे स्थान पर पहुंचाया। वहां से उन्हें अमेरिकी वायुसेना के VIP सैन्य विमान C-32A में शिफ्ट किया गया। इसके बाद ट्रंप इसी सैन्य विमान से सुरक्षित रवाना हुए।
ट्रंप के विमान पर हमले का था खतरा
जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि ट्रंप जिस बोइंग 747-8 विमान में यात्रा कर रहे थे, उसे संभावित हमले का निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप ने भी कथित तौर पर सुरक्षा खतरे को लेकर कहा था कि वह वही करते हैं जो सुरक्षा एजेंसियां उन्हें करने के लिए कहती हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहती हैं।
कतर से मिला था नया विमान
तुर्किये के अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ट्रंप ने कतर से मिले आधुनिक बोइंग विमान का इस्तेमाल किया था। राष्ट्रपति के रूप में इस विमान की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा बताई गई थी।
लेकिन सुरक्षा खतरे की जानकारी सामने आने के बाद योजना बदल दी गई और ट्रंप को अमेरिकी वायुसेना के C-32A विमान से रवाना किया गया।
पत्रकारों को भी नहीं लगी भनक
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि ट्रंप के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी तत्काल इसकी जानकारी नहीं दी गई। पत्रकारों को यही लगता रहा कि राष्ट्रपति उसी एयर फोर्स वन विमान में मौजूद हैं, जबकि ट्रंप को गुप्त तरीके से दूसरे विमान में शिफ्ट किया जा चुका था।
राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन अक्सर उनकी यात्रा और विमान से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं करता। तुर्किये से ट्रंप की वापसी के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था इतनी गोपनीय रखी गई कि मीडिया को विमान बदलने की जानकारी तक नहीं मिल सकी।













