Home Hindi आज का पंचांग 2 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण तृतीया आज, जानें शुभ...

आज का पंचांग 2 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण तृतीया आज, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

02 July 2026 Fact Recorder

Rashifal Desk: वैदिक पंचांग के अनुसार आज गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। यदि आप आज किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय अवश्य जान लें।

आज का पंचांग (2 जुलाई 2026)

  • वार: गुरुवार
  • माह: आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत)
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: कृष्ण द्वितीया प्रातः 9:37 बजे तक, इसके बाद कृष्ण तृतीया
  • संवत: 2083

आज के योग और करण

  • योग: वैधृति सायं 4:39 बजे तक, इसके बाद विष्कम्भ योग
  • करण: गरज प्रातः 9:37 बजे तक
  • करण: वणिज रात्रि 10:31 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा)

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: प्रातः 5:27 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 7:23 बजे
  • चंद्रोदय: रात्रि 9:20 बजे
  • चंद्रास्त: प्रातः 7:09 बजे

ग्रहों की स्थिति

  • सूर्य: मिथुन राशि में
  • चंद्रमा: मकर राशि में

आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:53 बजे तक
  • अमृत काल: 3 जुलाई को रात्रि 12:22 बजे से तड़के 2:07 बजे तक

आज के अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल: दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक
  • गुलिक काल: प्रातः 8:56 बजे से 10:41 बजे तक
  • यमगण्ड काल: प्रातः 5:27 बजे से 7:12 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रातः 9:27 बजे तक रहेंगे, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की विशेषताएं:

  • नक्षत्र स्वामी: सूर्य
  • देवता: विश्वेदेव
  • प्रतीक: हाथी का दांत या छोटा पलंग
  • स्वभाव: मेहनती, अनुशासित, धैर्यवान, विश्वसनीय, बुद्धिमान, धार्मिक और कर्तव्यनिष्ठ।

आज का धार्मिक महत्व

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आज पीले वस्त्र धारण करना, पीले पुष्प अर्पित करना, केले के वृक्ष की पूजा करना तथा विष्णु सहस्रनाम या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ फलदायी माना गया है। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त का चयन करें और राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचें।