28 May 2026 Fact Recorder
Business Desk: भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बड़ी मजबूती देते हुए Ministry of Defence ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक टेंडर जारी कर दिया है। करीब ₹15,000 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट भारत के पहले स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट के निर्माण से जुड़ा है।
इस मेगा प्रोजेक्ट की दौड़ में Tata Advanced Systems, Larsen & Toubro–Bharat Electronics Limited कंसोर्टियम और Bharat Forge–BEML की साझेदारी शामिल है।
भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट
AMCA प्रोजेक्ट को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान स्टील्थ तकनीक से लैस होगा, जिससे दुश्मन के रडार के लिए इसकी पहचान करना बेहद मुश्किल होगा।
इस परियोजना के तहत Aeronautical Development Agency निजी और सरकारी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी। सरकार का उद्देश्य रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना है।
AI तकनीक से लैस होगा AMCA
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए फाइटर जेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम भी शामिल किए जाएंगे। यह तकनीक पायलट को युद्ध के दौरान तेजी से निर्णय लेने, खतरे पहचानने और मिशन संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी।
Aero India 2025 के दौरान इस विमान का फुल-स्केल मॉडल भी प्रदर्शित किया गया था, जिसने भारत की रक्षा तकनीक क्षमता की झलक दिखाई थी।
आंध्र प्रदेश में बनेगा हाईटेक टेस्टिंग सेंटर
इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में ‘कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर’ बनाया जा रहा है। करीब ₹2,000 करोड़ की लागत वाले इस सेंटर की आधारशिला हाल ही में रक्षा मंत्री Rajnath Singh और N. Chandrababu Naidu ने रखी थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA प्रोजेक्ट भारत को दुनिया के चुनिंदा देशों की श्रेणी में खड़ा कर सकता है, जिनके पास स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान विकसित करने की क्षमता है।













