Home Himachal उपायुक्त ने जारी किए स्वादयुक्त धूम्ररहित तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबंध के आदेश

उपायुक्त ने जारी किए स्वादयुक्त धूम्ररहित तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबंध के आदेश

बच्चों एवं युवाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल, प्रतिबंध लगाने वाला हिमाचल का पहला जिला बना मण्डी

प्रतिबंधित उत्पादों के विरुद्ध निरंतर एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी- अपूर्व देवगन

मण्डी29 जुलाई 2026 Fact Recorder

Himachal Desk:  जन स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तम्बाकू की लत से बचाने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, मण्डी अपूर्व देवगन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निवारक आदेश जारी किया है। इस आदेश के साथ मण्डी स्वादयुक्त धूम्ररहित तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने वाला हिमाचल प्रदेश का पहला जिला बन गया है। यह निर्णय जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।

आदेश के अनुसार जिला मण्डी की सीमा में ऐसे सभी स्वादयुक्त (Flavoured) धूम्ररहित तम्बाकू उत्पाद, जिनमें स्वाद, सुगंध, ठंडक (Cooling Effect) अथवा अन्य फ्लेवरिंग एजेंट मिलाकर उन्हें अधिक आकर्षक बनाया गया हो, उनके भण्डारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, विक्रय के लिए प्रदर्शन एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश “कूल लिप फिल्टर टोबैको (COOL LIP Filter Tobacco)” सहित इसी प्रकार के सभी स्वादयुक्त धूम्ररहित तम्बाकू उत्पादों पर लागू होगा।

यह आदेश सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा), मण्डी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव, जिला स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा की गई जांच, जब्ती कार्यवाही, राष्ट्रीय तम्बाकू परीक्षण प्रयोगशाला (एनटीटीएल), नोएडा की परीक्षण रिपोर्टों तथा उपलब्ध अन्य अभिलेखों के विस्तृत परीक्षण के उपरांत जारी किया गया है।

जांच के दौरान जिला स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा 715 थोक पैकेट, जिनमें 10,725 खुदरा पाउच (लगभग 68.96 किलोग्राम) स्वादयुक्त तम्बाकू उत्पाद बरामद किए गए। राष्ट्रीय तम्बाकू परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इन उत्पादों में मेंटॉल सहित विभिन्न फ्लेवरिंग एजेंट, एडिटिब्स एवं ह्यूमेक्टेंट्स की उपस्थिति पाई गई है, जो तम्बाकू उत्पाद को अधिक स्वादिष्ट एवं आकर्षक बनाकर विशेष रूप से बच्चों, किशोरों एवं युवाओं में इसके सेवन तथा निकोटीन की लत की संभावना को बढ़ाते हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि यह कदम केवल कानून के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य की रक्षा में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रतिबंधित उत्पादों के विरुद्ध निरंतर एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अभिभावकों से विशेष अपील

उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखें तथा उन्हें किसी भी प्रकार के तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त उत्पादों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। स्वादयुक्त तम्बाकू उत्पाद विशेष रूप से बच्चों एवं किशोरों को आकर्षित करने के उद्देश्य से तैयार किए जाते हैं। इनका प्रारम्भिक सेवन कम आयु में ही निकोटीन की लत का कारण बन सकता है तथा भविष्य में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों के रोग एवं अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है।

यदि किसी दुकान, प्रतिष्ठान अथवा अन्य स्थान पर प्रतिबंधित स्वादयुक्त तम्बाकू उत्पादों का भण्डारण अथवा विक्रय होता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

व्यापारियों एवं दुकानदारों के लिए चेतावनी

उपायुक्त ने जिले के सभी थोक विक्रेताओं, वितरकों, परिवहनकर्ताओं एवं खुदरा विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे प्रतिबंधित उत्पादों का भण्डारण, परिवहन अथवा विक्रय तत्काल बंद करें। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता, सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा मण्डी को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित, स्वस्थ एवं जागरूक जिला बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।