Home Hindi बिहार की सियासत में नए गठबंधन की चर्चा तेज! तेजस्वी यादव और...

बिहार की सियासत में नए गठबंधन की चर्चा तेज! तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर साथ आए तो NDA को लगेगा बड़ा झटका? रोहिणी आचार्य ने दिया जीत का फॉर्मूला

October 30,2026 Fact Recorder

National Desk: बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी एकता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को हराने के लिए एक नया राजनीतिक फॉर्मूला पेश किया है। उनका मानना है कि अगर तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक साथ आ जाएं तो बिहार में NDA की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार के MLC चुनावों ने बीजेपी और NDA को हराने का फॉर्मूला दे दिया है। उन्होंने तेजस्वी यादव (TJ) और प्रशांत किशोर (PK) के वोटों को जोड़ते हुए कहा कि दोनों की ताकत एक हो जाए तो NDA को सभी आठ सीटों पर पहले चरण में ही हार का सामना करना पड़ सकता है।

विपक्षी एकता से बीजेपी को हराना संभव: रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने अपने एक अन्य पोस्ट में विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बिखराव का फायदा हमेशा बीजेपी को मिलता रहा है। यदि विपक्ष सही रणनीति, मजबूत जनाधार और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरता है, तो बीजेपी को हराना पूरी तरह संभव है।

उनके मुताबिक, विपक्षी दलों के बीच वोटों का बंटवारा रोकना बेहद जरूरी है। मजबूत सामाजिक और राजनीतिक समीकरण के साथ चुनाव लड़ने पर विपक्ष NDA को कड़ी चुनौती दे सकता है।

MLC चुनाव में किस पार्टी को मिली कितनी सीटें?

बिहार की आठ स्नातक और शिक्षक विधान परिषद सीटों के चुनाव में बीजेपी और आरजेडी ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। इसके अलावा जन सुराज पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) को एक-एक सीट मिली।

इन नतीजों के बाद रोहिणी आचार्य ने विपक्षी वोटों को एक साथ जोड़कर चुनावी समीकरण समझाने की कोशिश की है।

पटना MLC सीट के आंकड़ों से समझाया फॉर्मूला

रोहिणी आचार्य के दावे को पटना स्नातक MLC सीट के नतीजों से समझा जा सकता है। इस सीट पर JDU उम्मीदवार नीरज कुमार ने 16,267 प्रथम वरीयता वोट हासिल कर जीत दर्ज की।

वहीं, RJD उम्मीदवार को 14,125 और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को 11,038 वोट मिले। यदि दोनों विपक्षी उम्मीदवारों के वोट जोड़ दिए जाएं तो यह आंकड़ा 25,163 तक पहुंच जाता है, जो JDU उम्मीदवार को मिले वोटों से काफी अधिक है।

इसी गणित के आधार पर रोहिणी आचार्य का मानना है कि RJD और जन सुराज पार्टी के बीच गठबंधन होने पर NDA को चुनावी नुकसान हो सकता है।

क्या तेजस्वी और प्रशांत किशोर आएंगे साथ?

रोहिणी आचार्य के बयान ने बिहार में संभावित विपक्षी गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज कर दी हैं। हालांकि, अभी तक RJD या प्रशांत किशोर की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर भविष्य में एक साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार होंगे? फिलहाल, यह केवल रोहिणी आचार्य का राजनीतिक फॉर्मूला है, लेकिन इसने बिहार की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा जरूर शुरू कर दी है।