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चक्रवात अर्नब का असर: तेज हवाओं और बारिश से फसलों पर संकट, धान-सरसों और आलू के किसानों की बढ़ी चिंता

October 30,2026 Fact Recorder

National Desk:  चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। तेज हवाओं और बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की तैयार फसल के साथ-साथ सरसों, आलू और अन्य सब्जियों की खेती पर भी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को हल्की बारिश हुई, हालांकि इससे फसलों को खास नुकसान होने की संभावना नहीं जताई गई। मौसम के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

यदि बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहा तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। वहीं, सरसों और आलू की बोआई कर चुके किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से रबी फसलों की बोआई में देरी होने की आशंका है।

कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की दी सलाह

उप निदेशक कृषि डॉ. धनंजय सिंह ने चक्रवात अर्नब को देखते हुए किसानों से सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल मौसम का असर धान, गन्ना, खरीफ मक्का, अरहर, तिल, उड़द और मूंग समेत कई फसलों पर पड़ सकता है।

तेज हवाओं के कारण गन्ने और धान की फसल गिरने, मक्का के तने टूटने तथा अरहर के पौधों और शाखाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा तिल, उड़द और मूंग की फलियां झड़ सकती हैं या फट सकती हैं।

बारिश और खेतों में जलभराव से आलू, गेहूं, चना, मटर और सरसों की बोआई प्रभावित हो सकती है। खेतों में अधिक पानी जमा होने से बीज सड़ने के साथ सब्जियों की नर्सरी और छोटे पौधों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

जल निकासी का रखें विशेष ध्यान

कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। धान और अन्य फसलों की पकने की अवस्था को ध्यान में रखते हुए मौसम अनुकूल होने पर कटाई को प्राथमिकता देने को कहा गया है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

किसानों को सता रही फसल बर्बाद होने की चिंता

गोरखपुर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लगातार बारिश होने पर खेतों में पानी भर सकता है, जिससे खड़ी और काटकर रखी धान की फसल खराब होने का खतरा है।

गाडर पिपरौली के किसान प्रभाकर सिंह के मुताबिक बारिश से धान की फसल के साथ सब्जियों और सरसों की खेती को भी नुकसान हो सकता है।

कालेसर के किसान हनुमान सिंह ने चिंता जताई कि खेतों में पानी भरने से आलू, टमाटर और सरसों की फसल सड़ने लग सकती है। उनका कहना है कि यदि दो दिन और बारिश हुई तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

वहीं, पचमा के किसान गुलाब चंद ने बताया कि उन्होंने सरसों की बोआई कर दी है। खेत में पानी जमा होने से सरसों के बीज सड़ सकते हैं। रामचौरा के किसान सुनील कुमार के अनुसार, आलू की बोआई जारी है और जलभराव होने पर आलू सड़ने के साथ पैदावार भी प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल किसानों की नजर मौसम पर टिकी है। बारिश और तेज हवाओं का असर उनकी मेहनत और आगामी फसल की पैदावार पर पड़ सकता है।