S&P Global का अनुमान—महंगा तेल भी नहीं थामेगा भारत की रफ्तार, 6.3% रहेगी विकास दर

17 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  वैश्विक रेटिंग एजेंसी S&P Global ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है। एजेंसी के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच जाती है, तब भी वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.3% रह सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि तेल की कीमतें सामान्य स्तर यानी करीब 85 डॉलर प्रति बैरल पर बनी रहती हैं, तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.1% तक पहुंच सकती है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज होगी।

एसएंडपी के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा, ईंधन की कमी और महंगे तेल से चालू खाता घाटा बढ़ सकता है।

महंगे तेल का असर कंपनियों और आम लोगों पर भी पड़ सकता है। उत्पादन लागत बढ़ने से कंपनियों का मुनाफा घट सकता है, जबकि महंगाई बढ़ने से लोगों की क्रय शक्ति पर दबाव आएगा। सरकार को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ानी पड़ सकती है, जिससे राजकोषीय दबाव बढ़ेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर ऊर्जा कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो 2026-27 में देश की बड़ी कंपनियों की आय में 15-20% तक गिरावट आ सकती है और कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। खासतौर पर रिफाइनिंग, एविएशन, सीमेंट, धातु और स्टील सेक्टर ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं, Reserve Bank of India जरूरत पड़ने पर कुछ सेक्टरों को राहत देने के लिए कर्ज पुनर्गठन जैसे कदम उठा सकता है। इसके बावजूद, भारत की निवेश-ग्रेड संप्रभु रेटिंग पर फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं बताया गया है।

कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगे तेल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है और आगे भी तेज विकास की उम्मीद कायम है।