20 May 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: Mandi। मई महीने में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सुबह 11 बजे ही तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जबकि दोपहर होते-होते पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप और लू के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी और मध्य-पहाड़ी इलाकों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक चल रहा है। गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग अब पारंपरिक पहाड़ी फलों का सहारा ले रहे हैं। खास तौर पर जंगली फल ‘काफल’ की मांग अचानक बढ़ गई है।
मई-जून के मौसम में मिलने वाला काफल इन दिनों मंडी के बाजारों में खूब बिक रहा है। शुरुआत में 600 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला यह फल अब आवक बढ़ने से करीब 400 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। विटामिन-सी, कैल्शियम और आयरन से भरपूर होने के कारण लोग इसे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानकर खरीद रहे हैं।
चिकित्सकों ने गर्मी और डीहाइड्रेशन से बचने के लिए काफल के अलावा तरबूज, खरबूजा, संतरा और बेल का शरबत सेवन करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि ये फल शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।
डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, सिर को कपड़े या छाते से ढकने और लगातार पानी, नींबू पानी या ओआरएस पीते रहने की सलाह दी है। साथ ही गर्मी के मौसम में मसालेदार भोजन और अधिक कैफीन से दूरी बनाने को कहा गया है।
Dr. Abhishek Sharma ने बताया कि गर्मियों में खान-पान में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। उनके अनुसार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर काफल शरीर को ठंडक देने, इम्युनिटी बढ़ाने और शुगर व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मददगार माना जाता है।













