Home Haryana HKRNL पर सैनी का कांग्रेस को जवाब, विधानसभा में कोहनी विवाद पर...

HKRNL पर सैनी का कांग्रेस को जवाब, विधानसभा में कोहनी विवाद पर विज और हुड्डा आमने-सामने

September 01,2026 Fact Recorder
Haryana Desk:  हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन HKRNL को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के आरोपों का आंकड़ों के साथ जवाब दिया, वहीं विधानसभा गेट पर हुए विवाद को लेकर अनिल विज और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) को लेकर सत्ता पक्ष और कांग्रेस आमने-सामने रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के आरोपों पर आंकड़ों के जरिए जवाब दिया। वहीं विधानसभा गेट पर पुलिस और कांग्रेस विधायकों के बीच हुई कथित धक्कामुक्की और कोहनी मारने के विवाद ने सदन का माहौल भी गरमा दिया।

HKRNL पर सैनी ने कांग्रेस को घेरा

कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की व्यवस्था राज्य में नई नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि 2005 से 2014 के बीच कंटिन्जेंसी पेड, वर्कचार्ज्ड और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की संख्या 38,949 से बढ़कर करीब 1.10 लाख हो गई थी।

सैनी ने कहा कि पुरानी ठेकेदार व्यवस्था में कर्मचारियों को नौकरी, वेतन और पीएफ के लिए ठेकेदारों पर निर्भर रहना पड़ता था। HKRNL के जरिए बिचौलियों और ठेकेदारों की भूमिका कम करते हुए भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

वेतन और ईपीएफ को लेकर सरकार ने दिए आंकड़े

मुख्यमंत्री के मुताबिक, 19 जनवरी 2022 से मानकीकृत वेतन व्यवस्था लागू है। 9 अप्रैल 2026 से अकुशल कर्मचारियों के लिए 15,220.71 रुपये, अर्धकुशल के लिए 16,780.74 रुपये और कुशल कर्मचारियों के लिए 18,500.81 रुपये की मासिक श्रम दर लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि HKRNL के माध्यम से अब तक करीब 2,100 करोड़ रुपये EPF, ESI और श्रम कल्याण निधि में जमा किए जा चुके हैं। चालू वित्त वर्ष में 30 जून तक 129.94 करोड़ रुपये EPF और 10.17 करोड़ रुपये ESI के रूप में जमा किए गए।

कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने HKRNL की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के उल्लंघन का आरोप लगाया। आदित्य सुरजेवाला ने वेतन से 18 प्रतिशत GST काटने और EPF जमा करने में देरी का मुद्दा उठाया।

अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि करीब 1.20 लाख युवाओं को नौकरी की सुरक्षा के नाम पर दिहाड़ी व्यवस्था में रखा गया है। वहीं चंद्रप्रकाश जांगड़ा ने HKRNL को बंद कर कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहले ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों का शोषण होता था। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों का कमीशन 2 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत किया गया है।

कोहनी विवाद पर विज और हुड्डा में तीखी बहस

विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई गहमागहमी का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठा। मुख्यमंत्री सैनी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें कोहनी मारी गई।

मंत्री अनिल विज ने सदन में कोहनी मारने का इशारा करते हुए सवाल उठाया कि जिस पुलिसकर्मी को कथित तौर पर कोहनी मारी गई, उसके साथ न्याय कैसे होगा।

इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। दोनों नेताओं के बीच बहस बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कार्यवाही से ‘गुंडागर्दी’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘उत्पात’ दर्ज करने के निर्देश दिए।

‘सज्जन कुमार के अनुयायी’ टिप्पणी पर भी हंगामा

प्रश्नकाल के दौरान बिजली वितरण लाइसेंस से जुड़े सवाल पर अनिल विज की एक टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस विधायकों ने विरोध किया। विज ने कांग्रेस विधायकों को ‘सज्जन कुमार के अनुयायी’ कहा, जिस पर सदन में हंगामा हुआ।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विज की बात कोई नहीं मानता और मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। इसके जवाब में विज ने कहा कि हुड्डा के अंदर अब ‘ज्वाला भड़क रही है।’

राज्यपाल से मिले कांग्रेस विधायक

विधानसभा की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल प्रो. असीम घोष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए रोष मार्च के दौरान भी पुलिस और कांग्रेस विधायकों के बीच गहमागहमी हुई।

वहीं जस्सी पेटवाड़ और इंदूराज नरवाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव विशेषाधिकार समिति को भेजे गए। सदन में लगातार जारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही का समय एक घंटे के लिए बढ़ा दिया।