21 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: पंजाब सरकार राज्य में फसल विविधता और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में सरकार नीदरलैंड के वर्ल्ड हार्टी सेंटर की तर्ज पर पंजाब में बागवानी अनुभव एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से निकालकर उच्च आय वाली बागवानी और आधुनिक कृषि प्रणालियों की ओर ले जाना है।
नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने World Horti Center और Keukenhof का दौरा किया। यहां उन्होंने ग्रीनहाउस, नियंत्रित वातावरण वाली खेती, फूलों की खेती और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का अध्ययन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बनने वाला केंद्र शोध संस्थानों, उद्योग, कृषि विशेषज्ञों और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाएगा।
उन्होंने बताया कि ग्रीनहाउस और इनडोर खेती से कम पानी में अधिक उत्पादन संभव है। इससे कीटनाशकों का उपयोग घटेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह पहल किसानों को धान और अन्य अधिक पानी वाली फसलों के चक्र से बाहर निकालने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक खेती में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत सिंचाई प्रणाली की बड़ी भूमिका है। वर्षा जल संरक्षण, सिंचाई के पानी का दोबारा उपयोग और नियंत्रित पोषक तत्व प्रणाली जैसी तकनीकें भी पंजाब की खेती को जलवायु के अनुकूल बना सकती हैं।
Keukenhof में मुख्यमंत्री ने फूलों की खेती और कृषि-पर्यटन के मॉडल का भी अध्ययन किया। करीब 32 हेक्टेयर में फैले इस केंद्र में हर साल लाखों फूलों के बल्ब लगाए जाते हैं और यह पूरी दुनिया में फूलों के निर्यात और पर्यटन का बड़ा केंद्र माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भी फूलों की खेती के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे किसानों को निर्यात के नए अवसर मिलेंगे और कृषि-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल पंजाब को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक लाभकारी कृषि की दिशा में आगे बढ़ाएगी।













