SFJ (सिख फार जस्टिस) द्वारा गांव नसराली में मेजर हरदेव सिंह सेकेंडरी स्कूल की दीवार पर कथित तौर पर डा. भीम राव अंबेडकर विरोधी नारे लिखे गए।
पंजाब के लुधियाना में SFJ (सिख फार जस्टिस) द्वारा गांव नसराली में बीती रात मेजर हरदेव सिंह सेकेंडरी स्कूल की दीवार पर कथित तौर पर डा. भीम राव अंबेडकर विरोधी नारे लिखे गए। दीवार पर लिखा गया कि सिख हिंदू नहीं हैं और भगत रविदास जी की पूजा पर की जाए।
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SFJ के चीफ आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने समस्त राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल को कोई भी डा. भीम राव अंबेडकर की जयंती न मनाए। यदि किसी ने जयंती मनाई तो वह लुधियाना में धमाके और दीवारों पर छापे लगवाएगे। पन्नू ने वीडियो में कहा कि अब फैसला लुधियाना वालों ने करना है।

स्कूल के बाहर करवाया गया ताजा पेंट।
सूत्रों मुताबिक प्रशासन को जब पन्नू की इस घिनौनी हरकत के खबर मिली तो तुरंत प्रशासन द्वारा दीवारों को साफ करवा दिया गया है लेकिन स्कूल के बाहर दीवारों पर लगे लिखे गए नारे वायरल हो गए।

दीवार पर नारे मिटा कर करवाया गया ताजा पेंट।
जिस जगह लिखा गया था अब वहां पेंट करवाया गया है। इस मामले संबंधी खन्ना के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। सीनियर अधिकारी कुछ भी कहने से गुरेज कर रहे है।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?
- गुरपतवंत सिंह पन्नू मूलरूप से पंजाब के खानकोट का रहने वाला है। वो फिलहाल अमेरिका में रहता है और सिख फॉर जस्टिस नाम का संगठन चलाता है। उसके पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है।
- भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत पन्नू के संगठन SFJ पर बैन लगाया था। सिखों के लिए रेफरेंडम की आड़ में SFJ पंजाब में अलगाववाद और उग्रवादी विचारधारा का समर्थन कर रहा था।
- पन्नू पर साल 2020 में अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कथित साजिश का यही मुख्य टारगेट था। हालांकि FBI की चार्जशीट में इसका जिक्र नहीं है।












