07 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: लुधियाना में शनिवार को पंजाब सरकार ने नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस मौके पर मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य को “रंगला पंजाब” बनाने के लिए उद्योगों का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्योग और कारोबार से हजारों परिवारों के घरों में चूल्हे जलते हैं, इसलिए उद्यमी भी किसी अन्नदाता से कम नहीं हैं।
सीएम ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों से “लाल थैली” या किसी तरह की हिस्सेदारी लेने में विश्वास नहीं रखती। सरकार की प्राथमिकता सिर्फ यह है कि उद्योग बढ़ें और पंजाब के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत को पूरी तरह साझेदार मानती है और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने पर काम कर रही है।
उद्योग मंत्री Sanjeev Arora ने बताया कि यह पॉलिसी देश की बेहतरीन औद्योगिक नीतियों में से एक है, जिसे Arvind Kejriwal और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में तैयार किया गया है। पॉलिसी बनाने के लिए 24 कमेटियां गठित की गईं और उद्योगपतियों से मिले करीब 77-78 प्रतिशत सुझावों को इसमें शामिल किया गया।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा
नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।
25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।
पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।
जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) अपनाने पर 100% छूट मिलेगी।
उद्योगों के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।
इंसेंटिव पैकेज 15 साल तक मिलेगा।
रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा, जबकि आईटी सेक्टर में यह 5000 रुपये होगा।
सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की भी घोषणा की है। साथ ही महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति होगी, लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।
सीएम मान ने बताया कि राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि Tata Steel लुधियाना में लगभग 3200 करोड़ रुपये के निवेश से 20 मार्च को अपना प्लांट शुरू करने जा रही है। इसके अलावा युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भी खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उद्योगों से जुड़े कई विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है, जिससे उद्योगों को मंजूरी और अन्य प्रक्रियाएं तेज और आसान होंगी।











