30 July 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मौत के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विद्युत व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर विद्युत कार्य विभाग के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मृतक छात्रा के परिवार को एक सदस्य के लिए नौकरी और ₹16 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर-2 अनिल ठाकुर और कार्यवाहक सब डिविजनल इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) लखविंदर सिंह धनोआ को 29 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने या अगले आदेश तक दोनों अधिकारी निलंबित रहेंगे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। फिलहाल इन दोनों पदों का अतिरिक्त कार्यभार विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को सौंपा गया है।
परिवार को नौकरी और आर्थिक सहायता
ज्योति की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिवार को राहत देने के लिए विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की है। कुलपति की मंजूरी के बाद परिवार के एक पात्र सदस्य को पंजाब यूनिवर्सिटी में योग्यता के अनुसार नौकरी देने और ₹16 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने का फैसला लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पीएचडी स्कॉलर ज्योति गर्ल्स हॉस्टल नंबर-10 से माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर जा रही थीं। इसी दौरान परिसर के एक कच्चे रास्ते पर उनका पैर फिसल गया और वे करंट की चपेट में आ गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH-16) पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ज्योति हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली थीं। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छात्र संगठनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और परिसर में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
जांच जारी
छात्रों का आरोप है कि परिसर में खुले विद्युत तारों और रखरखाव में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। वहीं पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि करंट किस स्रोत से फैला, सुरक्षा मानकों में कहीं चूक हुई या नहीं और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।













